राज्य कृषि समाचार (State News)

मेड़ पर लगी जाली बनी सब्जी उत्पादन का जरिया

इंदौर। खेतों में प्राय: चारों तरफ जुताई -बुआई में एक -दो फीट जमीन बच जाती है, जिसका कोई उपयोग नहीं होता है, लेकिन खरगोन जिले के एक प्रगतिशील किसान ने खेत की मेड़ों पर लगी जाली पर सब्जी उत्पादन का अनूठा प्रयोग किया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त कमाई हो रही है।
ग्राम छोटी खरगोन, तहसील महेश्वर जिला खरगोन निवासी प्रगतिशील किसान श्री गोविन्द छोटेलाल कोटवाल ने कृषक जगत को बताया कि आमतौर पर खेतों की मेड़ पर बची एक-दो फीट जमीन का कोई उपयोग नहीं होता है। इसलिए खेत की मेड़ पर पूरब -पश्चिम 300 फीट और उत्तर-दक्षिण 150 फीट की लम्बाई में एंगल गाड़कर टाटा वायरान की जाली लगाई और ड्रिप लाइन से सिंचाई कर गिलकी और लौकी की फसल ली जा रही है। हर तीसरे दिन 30-40 किलो गिलकी और 50 किलो लौकी निकल रही है। जिससे औसतन 9 -10 हजार रुपए महीने की अतिरिक्त कमाई हो रही है। अभी एक माह और फसल आएगी। मेरी इस अतिरिक्त कमाई को देखकर क्षेत्र के अन्य किसान भी मेड़ पर कांटेदार तार के बजाय उक्त जाली लगाकर सब्जी उत्पादित करने लगे हैं।

Advertisement1
Advertisement

औषधीय गुणों से भरपूर तुम्बा की खेती शुष्क एवं अतिशुष्क क्षेत्रों में आय का जरिया

Advertisements
Advertisement5
Advertisement