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राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्रोप्लस से अच्छी वानस्पतिक वृद्धि हुई

ग्रोप्लस से अच्छी वानस्पतिक वृद्धि हुई

30 जुलाई 2020, इंदौर। ग्रोप्लस से अच्छी वानस्पतिक वृद्धि हुई – प्रतिष्ठित कम्पनी कोरोमंडल इंटरनेशनल लि. के उत्पाद ग्रोप्लस और ग्रोमोर खाद के इस्तेमाल के बाद डीएपी डालने की जरूरत नहीं पड़ती। पौधों की अच्छी वानस्पतिक वृद्धि के साथ उत्पादन भी बढिय़ा मिलता है। ऐसा ही अनुभव ग्राम डकाच्या जिला इंदौर के किसान श्री ब्रम्हानंद पटेल (चौधरी) ने साझा किया।

श्री ब्रम्हानंद ने बताया कि 27 हजार वर्गफीट में लगाई आलू की फसल में पोषण प्रबंधन के लिए ग्रोप्लस और ग्रोमोर 14:35:14 का प्रयोग किया। इसके पहले डीएपी प्रयोग करता था। लेकिन डीएपी में तत्व के रूप में सिर्फ नाइट्रोजन और फास्फोरस ही मौजूद रहते थे, जबकि ग्रोप्लस खाद में पांच तत्व फास्फोरस, कैल्शियम, सल्फर, जि़ंक और बोरान भी रहते हैं। इसी प्रकार ग्रोमोर 14:35:14 से नाइट्रोजन,फास्फोरस और पोटाश की पूर्ति हो जाती है।

ग्रोप्लस खाद के प्रयोग से डीएपी की तुलना में अच्छी वानस्पतिक वृद्धि देखने को मिली। इससे शाखाओं का भरपूर विकास, पौधों की अच्छी वृद्धि और आलू की ट्यूवर का आकार एक समान प्राप्त हुआ। श्री पटेल ने यह भी कहा कि जब वे डीएपी इस्तेमाल करते थे तो सल्फर,जि़ंक और बोरान को अलग खरीदकर प्रयोग करना पड़ता था। लेकिन ग्रोप्लस में ये तीनों तत्व मौजूद रहने से अब इन्हें पृथक से डालने की जरूरत ही नहीं पड़ती। ग्रोप्लस का आलू की फसल में प्रयोग करने के बाद सभी फसलों में ग्रोप्लस खाद का प्रयोग करना शुरू किया। सम्पर्क -9893329515

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