MP में ग्रीन एनर्जी को मिलेगी रफ्तार, 600 MW फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट समेत 3 योजनाओं पर समझौता
06 सितंबर 2026, भोपाल: MP में ग्रीन एनर्जी को मिलेगी रफ्तार, 600 MW फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट समेत 3 योजनाओं पर समझौता – मध्यप्रदेश अब सिर्फ हरियाली के लिए ही नहीं, बल्कि ग्रीन और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। प्रदेश में सौर और पवन ऊर्जा की क्षमता को देखते हुए सरकार बड़े स्तर पर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।
समझौते के तहत मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा विभाग से जुड़ी तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए तकनीकी और वित्तीय सहयोग की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में उपलब्ध ग्रीन एनर्जी क्षमता का चरणबद्ध तरीके से विकास करना और इसके लिए जरूरी निवेश को बढ़ावा देना है।
ओंकारेश्वर में 600 MW फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की तैयारी
समझौते के तहत ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके 278 मेगावाट के चरण के लिए समझौता किया गया है। इसके अलावा जलाशय क्षेत्र और उपलब्ध बुनियादी ढांचे को देखते हुए करीब 300 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता की संभावना बताई गई है। इस तरह करीब 600 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की दिशा में तैयारी की जा रही है।
फ्लोटिंग सोलर परियोजना की खासियत यह है कि इसमें जमीन की जगह जलाशय की सतह का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। परियोजना से जुड़ा सर्वे, प्री-फिजिबिलिटी स्टडी और डीपीआर स्टडी पहले ही पूरी की जा चुकी है।
सोलर एनर्जी के साथ स्टोरेज पर भी जोर
सरकार की योजना केवल सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके स्टोरेज पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर पीवी परियोजना के साथ 2 घंटे की को-लोकेटेड एनर्जी स्टोरेज प्रणाली के लिए केंद्र से प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान बताया गया है।
इस व्यवस्था से दिन के समय पैदा होने वाली सौर ऊर्जा को जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भरोसेमंद, किफायती और टिकाऊ 24 घंटे उपलब्ध नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में काम किया जा सकेगा।
ट्रांसमिशन और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारी
परियोजनाओं के साथ ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी स्टोरेज को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, ज्यादा ग्रीन एनर्जी को ग्रिड में शामिल करने और पीक डिमांड के समय ऊर्जा प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।
ADB की ओर से RUMSL को इन तीनों नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजरी सर्विस भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसी परियोजना और कारोबारी संरचना तैयार करना है, जिससे लंबे समय के निवेश को आकर्षित किया जा सके और परियोजनाओं को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके।
ग्रीन एनर्जी से निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी की अपार संभावनाएं हैं और सरकार इन्हें चरणबद्ध तरीके से विकसित कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे और निवेश आएगा।
प्रदेश सरकार ग्रीन एनर्जी को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित न रखते हुए औद्योगिक विकास, ग्रीन निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। बड़े प्रोजेक्ट, नई तकनीक और पारदर्शी टेंडरिंग के जरिए मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। अब सरकार इसका और विस्तार करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने ADB के सहयोग के लिए आभार जताया और RUMSL तथा नवकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रयासों की सराहना की।
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