राज्य कृषि समाचार (State News)

गेहूं खरीदी में कमी पर सरकार सख्त, दोषियों से होगी वसूली

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निर्देश पर प्रदेशभर में जांच के आदेश

11 जुलाई 2026, भोपाल: गेहूं खरीदी में कमी पर सरकार सख्त, दोषियों से होगी वसूली – रबी विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान कुछ स्थानों पर गेहूं की मात्रा में कमी पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी को पूरे प्रकरण की विस्तृत समीक्षा करने, कमी के कारणों की पहचान करने तथा दोषी समितियों एवं परिवहनकर्ताओं से इसकी भरपाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री श्री राजपूत ने स्पष्ट किया है कि किसानों से खरीदे गए अनाज के भंडारण एवं परिवहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी उपार्जन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इन निर्देशों के पालन में अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि संबंधित जिला उपार्जन समितियां प्रत्येक मामले की गहन जांच कर यह पता लगाएं कि गेहूं की कमी किन कारणों से हुई। जांच में यदि संबंधित उपार्जन समिति अथवा परिवहनकर्ता की जिम्मेदारी तय होती है तो उनसे कमी की भरपाई करते हुए वसूली की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाए।

राज्य सरकार का मानना है कि उपार्जन, भंडारण और परिवहन की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्यान्न प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा। इसी उद्देश्य से सभी जिलों को जांच शीघ्र पूरी कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture