राज्य कृषि समाचार (State News)

पशुपालकों के लिए सुनहरा मौका: डेयरी यूनिट लगाने पर सरकार दे रही 50% सब्सिडी और सस्ता लोन, जानें पूरी योजना

13 नवंबर 2025, भोपाल: पशुपालकों के लिए सुनहरा मौका: डेयरी यूनिट लगाने पर सरकार दे रही 50% सब्सिडी और सस्ता लोन, जानें पूरी योजना – भारत में दूध उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही दूध व डेयरी प्रोडक्ट्स की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगर कोई किसान या युवा पशुपालन के साथ डेयरी फार्मिंग शुरू करने की सोच रहा है, तो सरकार की कई योजनाएं उनकी बड़ी मदद कर सकती हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर डेयरी सेक्टर को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से सशक्त बना रही हैं।

सरकार पशुपालकों को पशुओं की खरीद और डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 50% तक की सब्सिडी और 1 करोड़ रुपये तक का लोन उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य दूध उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन और स्वास्थ्य कार्यक्रम

सरकार राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) और पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रही है। हर वर्ष मवेशियों और मुर्गियों के रोग नियंत्रण, टीकाकरण और स्वास्थ्य प्रबंधन पर करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन से नस्ल सुधार

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पूरे देश में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में 50% से कम कृत्रिम गर्भाधान हो रहा है, वहां इस पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पशुपालकों को फ्री कृत्रिम गर्भाधान सेवा घर पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले सांडों के वीर्य का उपयोग किया जा रहा है।

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नस्ल सुधार के लिए इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक अपनाई जा रही है, और प्रत्येक सुनिश्चित गर्भावस्था पर पशुपालकों को ₹5000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा, सेक्स सॉर्टेड वीर्य का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जो 90% तक परिणाम देता है। इस पर सरकार 50% सब्सिडी भी दे रही है।

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एनपीडीडी योजना से डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा

राष्ट्रीय डेयरी योजना (NPDD) के तहत दो प्रमुख योजनाएं चल रही हैं –

एनपीडीडी “ए” योजना

राज्य सहकारी डेयरी संघों, जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को सहायता दी जाती है। इसमें दूध परीक्षण उपकरण, मिल्क चिलिंग यूनिट और कोल्ड स्टोरेज प्लांट लगाने के लिए मदद की जाती है।

एनपीडीडी “बी” योजना

डेयरी उत्पादों की प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और सप्लाई चेन को हाईटेक बनाया जा रहा है। किसानों को संगठित बाजार तक पहुंचाने और दूध से बने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।

अन्य पशुपालन इकाइयों को भी सब्सिडी

सरकार केवल गाय-भैंस ही नहीं, बल्कि मुर्गी, भेड़-बकरी, घोड़ा, ऊंट और गधा प्रजनन फार्म पर भी 50% सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा, चारा उत्पादन यूनिट, साइलेज, मिक्स राशन और बीज ग्रेडिंग यूनिट स्थापित करने वालों को भी 50% सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।

डेयरी-मीट प्रोसेसिंग पर ब्याज में राहत

डेयरी और मीट उत्पाद प्रोसेसिंग इकाइयों को सरकार 3% ब्याज दर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है, जिससे उत्पादन और प्रोसेसिंग यूनिट्स की लागत कम हो सके।

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किसान ऐप से विशेषज्ञ सलाह

पशुपालन और डेयरी विभाग ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की मदद से ‘1962 किसान ऐप’ लॉन्च किया है। इस ऐप पर किसान राशन संतुलन, पशु आहार में प्रोटीन, ऊर्जा और खनिजों का संतुलन कैसे बनाएँ, इस पर एक्सपर्ट सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

नए पशुपालकों के लिए सुनहरा अवसर

सरकारी योजनाओं के जरिए अब नए पशुपालकों के पास कम लागत में डेयरी यूनिट लगाने, उच्च नस्ल के पशु खरीदने और वैज्ञानिक तरीकों से दूध उत्पादन बढ़ाने का सुनहरा अवसर है। इन योजनाओं का सही उपयोग करके किसान न केवल अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं।

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