राज्य कृषि समाचार (State News)

कटनी के किसान को अदरक-हल्दी की खेती बनी वरदान, 82 हजार के पार पहुंची आय; अन्य कृषकों के लिए बने प्रेरणा  

08 मई 2026, कटनी: कटनी के किसान को अदरक-हल्दी की खेती बनी वरदान, 82 हजार के पार पहुंची आय; अन्य कृषकों के लिए बने प्रेरणा – मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विकासखंड ढीमरखेड़ा के ग्राम कोठी के एक साधारण किसान रामदास बैगा ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही तकनीक और सहयोग मिले, तो छोटी सी जमीन से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प के साथ उन्होंने अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

चुनौतियों से नवाचार की ओर

पारंपरिक खेती करने वाले रामदास बैगा की आय पहले बहुत सीमित और अनिश्चित थी। उनके पास संसाधन तो थे, लेकिन आधुनिक और लाभकारी खेती का ज्ञान नहीं था। जीवन में असली बदलाव तब आया जब पिछले वर्ष जून माह में नाबार्ड के सहयोग से “मानव जीवन विकास समिति” ने उनका हाथ थामा।

मानव जीवन विकास समिति द्वारा रामदास को 150 किलो अदरक और 100 किलो हल्दी के उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए। साथ ही उन्हें रासायनिक खादों के बजाय गोबर खाद, जीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग करने का गहन प्रशिक्षण दिया गया।

82 हजार की हुई आय

रामदास की मेहनत और जैविक पद्धति के कारण उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ गए। जैविक खेती से उन्‍हें 5 क्विंटल अदरक का उत्पादन प्राप्त हुआ। अदरक का वर्तमान बाजार भाव 80 रूपये प्रति किलो है, जिससे उन्‍हें लगभग 40 हजार की आय हुई। इसी प्रकार लगभग 7 क्विंटल हल्दी का उत्पादन हुआ। हल्दी वर्तमान में 60 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है, जिससे उन्‍हें लगभग 42 हजार रूपये की आय हुई।

रामदास की फसलों की खास बात यह है कि ये पूरी तरह केमिकल फ्री है। जैविक उत्पादन होने के कारण उन्हें बाजार में न केवल बेहतर दाम मिले, बल्कि ग्राहकों के बीच उनकी उपज की मांग भी बढ़ी। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने परिवार को एक बेहतर जीवन दे पा रहे हैं। रामदास कहते हैं कि “नाबार्ड और मानव जीवन विकास समिति के मार्गदर्शन ने मेरी सोच बदल दी। जैविक खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली तकनीक है। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के सहयोग, मार्गदर्शन और समय पर मिले संसाधनों के कारण ही वे आज आत्मनिर्भर बन पाए हैं। इसके लिेये “मानव जीवन विकास समिति” एवं नाबार्ड का हृदय से धन्यवाद।

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