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राज्य कृषि समाचार (State News)

कहां से कितने टन होगी इन फसलों की खरीदी, किसने दी मंजूरी

28 फ़रवरी 2025, भोपाल: कहां से कितने टन होगी इन फसलों की खरीदी, किसने दी मंजूरी – रबी सीजन के लिए कृषि मंत्रालय ने कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में मूल्य समर्थन योजना के तहत 1.7 मिलियन टन चना और मसूर की खरीद को मंजूरी दी है। सरसों की खरीद के लिए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, असम और तेलंगाना में 0.6 मिलियन टन की मंजूरी दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, रबी सीजन में तिलहन और दलहन फसलों की खरीद के लिए उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान से जल्द ही प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है। मूल्य समर्थन योजना के तहत एजेंसियां खरीद अभियान 15 मार्च से शुरू कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सोयामील की कीमतों में गिरावट के कारण सोयाबीन का औसत मंडी कीमत 2024-25 सीजन (जुलाई-जून) के लिए घोषित 4,892 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी से नीचे चली गई हैं।  अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक आपूर्ति ने घरेलू कीमतों को प्रभावित किया है। सोयाबीन के बड़े हिस्से को पशु आहार में इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की सोयाबीन में केवल 18 से 20 फीसदी तेल होता है। इस कारण सोयाबीन की मांग और प्रभावित होती है।

हाल ही में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर तिलहन और दलहन की खरीद करेंगी। लेकिन, बढ़ते आयात ने नई चना और सरसों की कीमतों को प्रभावित किया है। इनकी कीमतें एमएसपी से नीचे रहने की संभावना है। घरेलू दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए, केंद्र ने पीएसएस के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद को  अनुमति दी है। पिछले सीजन में रिकॉर्ड उत्पादन के बाद भी सरसों की कीमतें एमएसपी से नीचे रहीं ।

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बीते रबी सीजन के दौरान 2023-24 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में 13.16 मिलियन टन का रिकॉर्ड सरसों उत्पादन हुआ था। लेकिन, इस दौरान मंडी की कीमतें एमएसपी से नीचे रहीं। इस कारण  सरकारी एजेंसियों ने हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख सरसों उत्पादक राज्यों से 1.2 मिलियन टन सरसों खरीदी थी।

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