फसलों को हुए नुकसान का पूर्व मंत्री श्रीमती चिटनिस ने किया निरीक्षण

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14 सितंबर 2020, बुरहानपुर। फसलों को हुए नुकसान का पूर्व मंत्री श्रीमती चिटनिस ने किया निरीक्षण पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने गत दिनों बुरहानपुर में आए आंधी-तूफान एवं वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की तथा खेतों में जाकर फसलों का निरीक्षण किया। श्रीमती चिटनिस ने उच्चाधिकारियों से चर्चा कर प्रभावित क्षेत्रों के खेतों में फसलों का आंकलन करने की बात कही और किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान की भरपाई हेतु वह हर संभव मदद करेंगी। इस दौरान श्रीमती चिटनिस के साथ अनेक जनप्रतिनिधिगण व कृषकगण मौजूद रहे। पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने ग्राम पातोंडा एवं ग्राम चिंचाला सहित अन्य ग्रामों में पहुंचकर किसानों से चर्चा की तथा खेतों में जाकर आंधी-तूफान एवं वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया।

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श्रीमती चिटनिस ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की तथा अधिकारियों को खेतों में जाकर आंधी-तूफान से हुए नुकसान का आंकलन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सतत् प्रयास करेंगी और राहत दिलाएगी। निरीक्षण के दौरान श्रीमती चिटनिस के साथ मुकेश शाह, नरहरी दीक्षित, रुद्रेश्वर एंडोले, सरपंच ओमराज बावस्कर, बाबुराव पाटील, गणेश महाजन, नारायण महाजन, दीपक ईश्वर महाजन, नामदेव गवानकर, प्रमोद महाले, दीपक महाजन, भूषण पाठक, योगेश महाजन, विशाल महाजन, नितिन लोखंडे, प्रदीप बावस्कर, मुकेश बावसकर , रामकृष्ण पटेल, प्रमोद महाजन, ललित मर्दाने, प्रवीण पाटील एवं सुरेश महाजन सहित अनेक जनप्रतिनिधि व कृषकगण उपस्थित रहे। *तत्काल दल गठित करने हेतु कलेक्टर को प्रेषित किया पत्र* पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कलेक्टर को एक पत्र प्रेषित कर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित खरीफ फसल का सर्वे करने हेतु तत्काल दल गठित करने की बात भी कही। पत्र में श्रीमती चिटनिस ने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र चिंचाला, पातोंडा, मोहम्मदपुरा, एमागिर्द, बोरगांव एवं रईपुरा इत्यादि में 6 सितंबर 2020 को हवा, आंधी, तूफान एवं वर्षा से खरीफ फसल मक्का, ज्वार, बाजरा और कपास का बहुत नुकसान हुआ है। यह तेज हवा एवं तूफान के कारण आड़ी गिर गई है, जमीन पर सो गई है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि केवल पटवारी के माध्यम से हम सर्वे करेंगे तो काफी समय लग जाएगा। इसलिए प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करने के लिए एक दल का गठन तत्काल किया जाना चाहिए, ताकि इन्हें आरबीसी 4 के अंतर्गत शीघ्रता-शीघ्र क्षतिपूर्ति मुआवजा प्राप्त हो सके।

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