बैंगन की खेती में नई तकनीक, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
05 सितंबर 2026, चंदौली: बैंगन की खेती में नई तकनीक, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर – किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर), वाराणसी द्वारा पहल की जा रही है। इसी क्रम में चंदौली में किसान गोष्ठी एवं ग्राफ्टेड बैंगन पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को उन्नत तकनीक से तैयार 2200 ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे वितरित किए गए।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन परियोजना के विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत बहादुर ने बताया कि किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक सब्जी उत्पादन तकनीकों से जोड़ना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है।
36 किसानों ने लिया प्रशिक्षण और पौधे
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में करीब 36 किसानों ने भाग लिया। किसानों को ग्राफ्टेड पौधों के उपयोग, वैज्ञानिक तरीके से सब्जी उत्पादन तथा बेहतर उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके बाद किसानों को 2200 ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे वितरित किए गए।
ग्राफ्टेड पौधों की तकनीक सब्जी उत्पादन में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें पौधे की उन्नत किस्म को ऐसे मूलवृंत से जोड़ा जाता है, जिसकी जड़ प्रणाली मजबूत होती है। इससे पौधे को बेहतर पोषण मिलने और प्रतिकूल परिस्थितियों में उत्पादन क्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
किसानों को इस तरह की उन्नत तकनीक उपलब्ध कराने का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती की लागत, फसल की गुणवत्ता और बाजार में मिलने वाले मूल्य को ध्यान में रखते हुए कृषि को अधिक लाभकारी बनाना भी है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सब्जी उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीकों का विस्तार छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। यदि किसानों को उन्नत पौधों के साथ उचित प्रशिक्षण, सिंचाई, पोषण प्रबंधन और बाजार की जानकारी भी उपलब्ध हो, तो सब्जी उत्पादन उनकी आय का मजबूत आधार बन सकता है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

