खाद की बिक्री में आया उछाल

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खाद की बिक्री में आया उछाल

देश में 82 प्रतिशत और प्रदेश में 40 प्रतिशत अधिक बिका उर्वरक

09 जुलाई 2020, भोपाल। खाद की बिक्री में आया उछाल – इस वर्ष खरीफ सीजन के शुरुआत में ही उर्वरकों की बिक्री में रिकॉर्ड उछाल आया है। उर्वरक उद्योग के सूत्रों के अनुसार मानसून का समय पर आगमन, बोनी में तेजी, और फास्फेटिक उर्वरकों की कीमतों में गिरावट इसके प्रमुख कारण हैं। देश में जून अंत तक जहां 50 प्रतिशत से अधिक खरीफ फसलों की बोनी हो चुकी है वहीं मध्यप्रदेश में लगभग 71 लाख हेक्टेयर में बोनी हो चुकी थी। जबकि गत वर्ष जून अंत तक बोनी आरंभ ही नहीं हुई थी।

उल्लेखनीय होगा कि मध्यप्रदेश में गत वर्ष मानसून का आगमन 2 जुलाई को हुआ था। इस वर्ष खरीफ के प्रारंभ से ही फास्फेटिक उर्वरकों की दरों में भी गिरावट रही है। प्रदेश में गत वर्ष खरीफ सीजन की तुलना में इस खरीफ सीजन में फास्फेटिक उर्वरकों के मूल्य में 13 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इस कारण भी डीएपी की बिक्री में वृद्धि हुई है, क्योंकि डीएपी की दरों में उतार चढ़ाव होता रहता है। संभवतः इस कारण भी किसानों ने कम मूल्य वाले डीएपी का अधिक स्टॉक कर लिया है।

प्रदेश में अभी धान की बोनी ने गति नहीं पकड़ी है, लेकिन आने वाले समय में धान की बोनी बढ़ते ही यूरिया की मांग और अधिक बढ़ेगी। इस वर्ष यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि धान के क्षेत्र में वृद्धि होगी क्योंकि कुक्कुट उद्योग में कोरोना संकट के कारण मांग की कमी के चलते मक्के की मांग में भी कमी आई है। इस कारण मक्के के भाव गिर गए हैं और किसान मक्के से विमुख हो रहा है। खाद की मांग में आई इस वृद्धि के कारण प्रदेश में उर्वरक का स्टाॅक भी घटा है। विगत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी केन्द्रीय कृषि मंत्री से प्रदेश के लिए 5.75 लाख मै. टन अतिरिक्त यूरीया के आबंटन की मांग की है।

रसायन और उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों अनुसार अप्रैल से जून 2020 के दौरान उर्वरकों की पीओएस बिक्री 111.61 लाख मै.टन रही। जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 61.05 लाख एमटी की बिक्री की तुलना में 82 प्रतिशत से अधिक है। इस अवधि के दौरान यूरिया में 67 प्रतिशत डीएपी में 100 प्रतिशत और कॉम्पलेक्स उर्वरक में 120 प्रतिशत अधिक) बिक्री देखी गयी। वहीं मध्य प्रदेश में इसी अवधि में 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कुल 11 लाख 63 हजार मै. टन उर्वरकों का विक्रय हुआ। इस अवधि में सर्वाधिक वृद्धि 70 प्रतिशत की एसएसपी में और 56 प्रतिशत की डीएपी में पाई गई। यूरीया में यह वृद्धि 23 प्रतिशत तथा काम्पलेक्स में 33 प्रतिशत दर्ज की गई।

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