फसल चक्र अनुसार खेती फायदेमंद : श्री कनेरिया

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30 अगस्त 2022, देवास  फसल चक्र अनुसार खेती फायदेमंद : श्री कनेरिया – प्राकृतिक आपदा के समय एक फसल पर निर्भर कृषक को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दूसरी तरफ खेत पर कम क्षेत्र में भी कई फसल बोई गई हो तो उनमें से कुछ फसल प्राकृतिक आपदा से बच जाती है। एक खेत में एक सीजन में एक से अधिक फसलों की बुवाई करने की इस विधि को फसल विविधीकरण कहते हैं। यह पद्धति जिले के उपसंचालक कृषि श्री आर.पी.कनेरिया ने जिले की डायग्नोस्टिक टीम में शामिल होकर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करते कृषकों को बताई।

इस दौरान देवास विकासखंड के ग्राम सीया,खटाम्बा टौंक खुर्द विकासखंड के ग्राम हरनावदा, मद्दुखेड़ी, सवरसी एवं सोनकच्छ के ग्राम भौरासा का निरीक्षण किया। ग्राम सवरसी के कृषक श्री सूरत सिंह राजपूत के खेत पर सोयाबीन फसल पर सेमीलूपर एवं सफेद मच्छर का प्रकोप देखा गया उसके नियंत्रण हेतु कान्टैक्ट व सिस्टेमेटिक कीटनाशकों जैसे थायोमिथोक्सम + लेम्बडा साइहेलोथ्रिन 150 मिली प्रति हेक्टेयर का छिडक़ाव करने की सलाह दी गई। श्री कनेरिया ने जैविक खेती करने के फायदे, जैविक तरीके से उत्पादित अनाज की गुणवत्ता मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताई। टीम में सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी श्री जगदीश ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री आर.के. द्विवेदी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र सिंह, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री लखन परमार एवं सुश्री शिवानी पाटीदार भी उपस्थित रही।

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