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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषक कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाएं – कलेक्टर आगर मालवा

23 अक्टूबर 2026, 
आगर मालवा: कृषक कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाएं – कलेक्टर आगर मालवा
– जिले के सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए कृषि एवं जल संसाधन विभाग का अमला किसानों को कम पानी (सिंचाई) में अधिक उत्पादन देने वाली यथा- चना, सरसों जैसी फसलें अपनाने के लिये प्रेरित करें। सिंचाई नहरों का समुचित रख-रखाव एवं सफाई, मरम्मत आदि सुनिश्चित करें, जिससे कि सिंचाई के पानी का अपव्यय न हो। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में विधायक श्री माधव सिंह मधु गेहलोत, सांसद प्रतिनिधि श्री दिनेश परमार, जिपं सदस्य श्री मुकेश केलकार, श्री महेश गुर्जर, श्री अंतर सिंह सहित समिति के सदस्‍यगण, एसडीएम श्री कमल मंडलोई, जल संसाधन कार्यपालन यंत्री श्री अनमोल टोप्‍पो सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी, जनपद सीईओ एवं सीएमओ उपस्थित थे।

बैठक में जल संसाधन कार्यपालन यंत्री ने अवगत कराया कि टिल्‍लर डेम इस वर्ष अपेक्षाकृत कम जलभराव होने से आगर विकासखंड क्षेत्र में पेयजल की समस्या तो नहीं रहेगी। किसानों को भी इस डेम से सिंचाई के लिये नहरों के माध्यम से एक-दो बार पानी दिया जा सकेगा। उन्होंने अवगत कराया कि अल्प वर्षा के कारण बड़ौद क्षेत्र में ग्रीष्म काल में पेयजल की समस्‍या संभावित है। कलेक्‍टर ने जनपद सीईओ बड़ौद श्री अमृत सिसोदिया को निर्देश दिए कि वे बड़ौद क्षेत्र में ग्रीष्म काल में संभावित पेयजल संकट का ग्रामवार आंकलन कर समाधान के लिये कार्ययोजना तैयार कर एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को जिले के पेयजल समस्या संभावित गांवों को चिन्हित कर वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था का प्‍लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने सीएमओ आगर को निर्देश दिए कि वे आगर में चिन्हित ट्रेचिंग ग्राउंड के नवीन स्थल पर तत्काल कार्य प्रारंभ करवाएं।

विधायक श्री मधु गेहलोत ने आहू डेम के चार गांव के विस्‍थापन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने, भीमपुरा एवं हड़ाई डेम निर्माण के तहत् भूमि का मुआवजा प्रकरणों का भी अविलंब निराकरण कर निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने का सुझाव दिया। श्री दिनेश परमार ने बडौद क्षैत्र की पेयजल समस्‍या के समाधान के लिये समीपस्‍थ डेम से स्‍थाई पाईप लाईन डालकर पेयजल समस्या का स्‍थाई समाधान करने तथा जल निगम के कुण्डालिया डेम की बड़ौद के पास से गुजर रही पाइप लाइन से बड़ौद को बल्‍क में पेयजल प्रदान कर समस्‍या का स्‍थाई समाधान करवाने का सुझाव दिया। उपस्थित सदस्यों ने अल्‍प वर्षा से सिंचाई जलाशयों में कम जलभराव को देखते हुए जलाशयों से अवैध रूप से पानी का सिंचाई के प्रयोजन से उपयोग करने पर प्रभावी रोक लगाने का सुझाव दिया, जिससे की संबंधित क्षैत्र वासियों को पेयजल के लिये जल उपलब्‍ध होने में कोई असुविधा न हो।

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बैठक में जल संसाधन कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जिले में 03 मध्‍यम, 37 लघु सिंचाई योजनाएं, 15 स्‍टॉप डेम एवं बैराज सिंचाई योजनाएं, कुल 55 योजनाएं है। गत वर्ष रबी में इन सिंचाई योजनाओं से 26747 हेक्टेयर के विरुद्ध 29010 हेक्टेयर में सिंचाई की गई थी। इस वर्ष रबी में 17831 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिये जल प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है। इस वर्ष 25 सितंबर की स्थिति में सभी 55 योजनाओं में‍जीवित जलभराव 167.81 मी. घन मीटर के विरूद्ध 115.51 मी. घन मीटर ही हुआ है, जो कि 68. 83 प्रतिशत है ।

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