राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के किसान गेंहू की फसल में मेड़ नाली पध्दति के उपयोग से लागत में करे बचाव

09 नवम्बर 2023, भोपाल: मध्यप्रदेश के किसान गेंहू की फसल में मेड़ नाली पध्दति के उपयोग से लागत में करे बचाव – वर्तमान में खरीफ सीजन की समाप्ति और रबी सीजन की शुरूआत हो चुकी हैं। रबी सीजन की प्रमुख फसल गेंहू की बुवाई शुरू हो गई हैं। गेंहू की पारंपरिक तरीक से खेती करने पर लागत में अधिक खर्चा आता हैं। किसान लागत खर्च को कम करने के लिए गेंहू की तकनीकी रूप से खेती कर सकते हैं। गेंहू की मेड़ नाली पध्दति तकनीक को अपनाकर किसान लागत में खर्च को कम करने के साथ ही अन्य लाभ भी अर्जित कर सकते हैं। 

मेड़ पर बुवाई तकनीक किसानों में प्रचलित कतार में बोनी या छिड़ककर बोनी से सर्वथा भिन्न है इस तकनीक में गेहूँ को ट्रेक्टर चलित रोजर कम ड्रिल से मेड़ों पर दो या तीन कतारों में बीज बोते है। इस तकनीक से खाद एवं बीज की बचत होती है। एवं उत्पादन भी प्रभावित नहीं होता है। इस तकनीक से उच्च गुणवत्ता वाला अधिक बीज उत्पादन किया जा सकता है।

मेड़-नाली पध्दति के लाभ 

गेंहू की फसल में बीज एवं उर्वरकों में महंगे आदान का उपयोग होता हैं इन आदानों को कम करने के लिये किसान मेड़ – नाली पद्धति (FIRB) अपनाये बीज दर 30 – 35 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस तकनीक के उपयोग से किसान उर्वरक की खपत में कमी कर सकते हैं। इससे नींदा नियंत्रण भी आसान हो जाता हैं। इसकी मदद से फसल की सिंचाई में पानी की कम लगता हैं। 

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