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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और स्मार्ट सीडर पर मिलेगा ₹1.20 लाख तक अनुदान, ऑनलाइन करें आवेदन  

25 अक्टूबर 2026, भोपाल: किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और स्मार्ट सीडर पर मिलेगा ₹1.20 लाख तक अनुदान, ऑनलाइन करें आवेदन – किसानों को नरवाई जलाने से रोकने, फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करने तथा रबी फसलों की समय पर बोनी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा उन्नत कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और स्मार्ट सीडर की खरीद के लिए किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सीधी जिले के सहायक कृषि यंत्री ने बताया कि सीधी जिले में धान की कटाई के बाद खेतों में बचने वाली नरवाई का उचित प्रबंधन करना आवश्यक है। कई बार किसान अगली फसल की बोनी के लिए खेत तैयार करने के दौरान नरवाई जला देते हैं। इससे मिट्टी के उपयोगी सूक्ष्म जीव प्रभावित होते हैं, भूमि की उर्वरता घटती है और वायु प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही आसपास की खड़ी फसलों में आग लगने का खतरा भी रहता है। उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग से इन समस्याओं को कम करने के साथ खेती की लागत में भी बचत की जा सकती है।

सुपर सीडर पर 1.20 लाख रुपये तक अनुदान

सुपर सीडर से खेत में फसल अवशेषों का प्रबंधन करते हुए जुताई और बोनी एक साथ की जा सकती है। यह नरवाई एवं पराली को मिट्टी में मिलाने में मदद करता है, जिससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुधारने में सहायता मिलती है। इसके उपयोग से पारंपरिक जुताई एवं बोनी की तुलना में लागत लगभग 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इस यंत्र की खरीद पर शासन के नियमानुसार अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान है। इससे धान की सीधी बोनी (डीएसआर) भी की जा सकती है।

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हैप्पी सीडर से बिना जुताई होगी बोनी

हैप्पी सीडर जीरो टिलेज तकनीक पर आधारित है। यह नरवाई और पराली को काटकर खेत की सतह पर बिछाता है तथा मिट्टी में आवश्यक चीरा लगाकर बीज की बोनी करता है। खेत में बिछी पराली मल्च के रूप में काम करती है, जिससे मिट्टी की नमी संरक्षित रहती है। इस यंत्र से पारंपरिक जुताई एवं बोनी की तुलना में लागत लगभग 60 प्रतिशत तक कम हो सकती है। हैप्पी सीडर की खरीद पर अधिकतम 86 हजार 350 रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।

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स्मार्ट सीडर से नरवाई प्रबंधन और बीज की बोनी एक साथ

स्मार्ट सीडर भी जीरो टिलेज तकनीक पर आधारित उन्नत कृषि यंत्र है। यह बीज की कतार में आवश्यक जुताई कर बोनी करता है तथा शेष क्षेत्र में नरवाई को खेत में बनाए रखने में मदद करता है। इससे मिट्टी की नमी संरक्षित रहती है और फसल अवशेषों का बेहतर उपयोग संभव होता है। इस यंत्र से पारंपरिक जुताई एवं बोनी की तुलना में लागत लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। इसकी खरीद पर शासन के नियमानुसार अधिकतम 90 हजार 200 रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।

ऑनलाइन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

सहायक कृषि यंत्री के अनुसार, अनुदान का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए निम्न दस्तावेज आवश्यक हैं- किसान के स्वयं के नाम की भूमि की बी-1 प्रति, बैंक पासबुक, ट्रैक्टर का पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए जाति प्रमाणपत्र, आवेदक के स्वयं के बैंक खाते से 4,500 रुपये की धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट।

लॉटरी के माध्यम से होगी आगे की प्रक्रिया

प्राप्त आवेदनों के आधार पर विभाग द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद लॉटरी संबंधी सूचना प्रकाशित की जाएगी तथा अनुदान वितरण की प्रक्रिया शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

नरवाई न जलाएं, उन्नत कृषि तकनीक अपनाएं

सहायक कृषि यंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में नरवाई जलाने के बजाय सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और स्मार्ट सीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, समय पर बोनी करने और खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी। उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान फसल उत्पादकता और आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकते हैं। 

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