जल संरक्षण संरचनाओं के महत्व पर कृषक प्रशिक्षण

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8 मार्च 2021, सिवनी। जल संरक्षण संरचनाओं के महत्व पर कृषक प्रशिक्षण – कृषि विज्ञान केन्द्र शहडोल के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. मृगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम बड़ी देवरी विकासखण्ड बुढ़ार में कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमे केन्द्र के वैज्ञानिक दीपक चौहान ने कृषकों को जल संरक्षण संरचनाओं के बारे में बताया कि किस प्रकार से पानी को संगृहीत कर कृषक रबी एवं जायद की खेती कर सकता है, जिन नालों में अभी भी पानी बह रहा है उनमे बोरी बंधन संरचना कम लागत में बना कर पानी को रोका जा सकता है एवं यह संरचना एक नाले में 5 से 6 बने तब ज्यादा से ज्यादा पानी एकत्रित होगा एवं कृषक संगठित हो कर इस संरचना का निर्माण कर कृषि के किये पानी का उपयोग कर सकते हंै उसी प्रकार खेत में एक भाग में पानी एकत्रित करने के लिये एक छोटा गड्डा बनाये जिसमे बरसात का पानी एकत्रित होगा इन सभी संरचनाओं से भूमिगत जल में भी बढ़ोतरी होगी एवं कृषक लाभ ले सकेंगे।

साथ ही कृषि वानिकी विशेषज्ञ भागवत प्रसाद पंद्रे ने एक निश्चित भूभाग में अधिक से अधिक उत्पादन अर्जित करने हेतु कृषि वानिकी की विभिन्न पद्धतियां अपनाने के साथ साथ मेड़ों पर 5 मीटर के अंतराल में फलदार पौधे जैसे आम, अमरुद, मुनगा लगाने हेति कृषकों को जानकारी प्रदान की साथ ही पशुपालकों को हरे चारे के लिए नेपियर घास लगाने की जानकारी प्रदान करी। इस अवसर पर ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्री राजेंद्र रैकवार, रिलायंस फाउंडेशन के श्री अजय पाण्डे एवं कृषक पूरनलाल पाँव, प्रेमलाल यादव का विशेष योगदान रहा।

 

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