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किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)राज्य कृषि समाचार (State News)

2 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर किसान सुरेंद्र पाटीदार बने ऊर्जादाता

05 मार्च 2026, (दिलीप दसौंधी, कृषक जगत ,मंडलेश्वर): 2 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर किसान सुरेंद्र पाटीदार बने ऊर्जादाता – राज्य शासन द्वारा कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों को ‘अन्नदाता’ के साथ-साथ ‘ऊर्जादाता’ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश ‘ की अवधारणा पर कार्य करते हुए पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से अन्नदाता अक्षय ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर ऊर्जादाता बन रहे हैं, जिससे कृषकों को ऊर्जा सुरक्षा, आय में वृद्धि और प्रदूषण में कमी जैसे लाभ प्राप्त हो रहे हैं।

 खरगोन जिले के कसरावद निवासी कृषक श्री सुरेन्द्र पाटीदार ने पीएम-कुसुम योजना घटक-ए के अंतर्गत ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से आवेदन कर अपने खेत में 2 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की और वे आज एक सफल ऊर्जादाता बने हैं। 6 एकड़ क्षेत्रफल में स्थापित इस वृहद संयंत्र से 40 लाख यूनिट विद्युत का वार्षिक उत्पादन संभव है। संयंत्र की स्थापना के लिए उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से 6.65 करोड़ रुपए का ऋण स्वीकृत हुआ है, शेष धनराशि की व्यवस्था उन्होंने स्वयं की है।

मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने श्री सुरेन्द्र पाटीदार के साथ आगामी 25 वर्षों तक 3.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से विद्युत खरीद का अनुबंध किया है, जिससे श्री  पाटीदार को स्थिर आय की सुरक्षा प्राप्त हुई है। इस संयंत्र में प्रतिदिन औसत 11 हजार यूनिट और प्रतिमाह औसत 3 से 3.5 लाख यूनिट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है, जिससे उन्हें 10 से 11 लाख रुपए प्रतिमाह की बिलिंग हो रही है। ऋण की किश्त और अन्य व्यय हटा कर प्रतिमाह 3 लाख रुपए का मुनाफा हो रहा है। इस सौर ऊर्जा संयंत्र के डिजाइन, खरीद और निर्माण कार्य के लिए श्री   पाटीदार ने इंदौर की ईपीसी कंपनी सोलर श्योर की सेवाएं ली हैं।

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श्री सुरेन्द्र पाटीदार का कहना है कि संयंत्र की स्थापना से उन्हें सुरक्षित और आवर्ती आय प्राप्त हो रही है, जिसके लिए वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आभारी हैं। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र का रखरखाव बहुत आसान है, पैनल के नीचे की घास फूस की नियमित छटाई और पैनल की नियमित रूप से धुलाई की जानी होती है, जिसमें किसी कुशल श्रम की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष इसी खेत में टमाटर उगाए थे, परन्तु मौसम की मार से काफी नुकसान हुआ था। उनकी आगामी अप्रैल-मई माह में सौर पैनल के नीचे अदरक की खेती करने की योजना है।

ईपीसी कंपनी सोलर श्योर के सीईओ श्री भावेश पाटीदार ने बताया कि पीएम कुसुम ए अंतर्गत खरगोन जिले में श्री सुरेंद्र पाटीदार के संयंत्र के अलावा एक दर्जन अन्य निर्माणाधीन संयंत्र सहित पूरे प्रदेश में 300 मेगावाट के 130 अन्य पीएम कुसुम ए प्रोजेक्ट उनकी देखरेख में जारी हैं। पीएम कुसुम योजना घटक-ए में कृषक, सहकारी समिति, पंचायत अथवा कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा बंजर, परती, दलदली या कृषि योग्य भूमि पर 2 मेगावाट तक की क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा सकते हैं। रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार बैंकों द्वारा पीएम कुसुम घटक-ए के लिए कृषकों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

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