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राज्य कृषि समाचार (State News)

यूपी में फार्मर रजिस्ट्री जरूरी: बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त

04 अक्टूबर 2025, भोपाल: यूपी में फार्मर रजिस्ट्री जरूरी: बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त – उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में फार्मर रजिस्ट्री (किसान पंजीकरण) को अनिवार्य कर दिया है। अब अगर कोई किसान पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पाना चाहता है, तो उसे निर्धारित समय सीमा से पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, 1 अप्रैल 2026 के बाद केवल वही किसान इस योजना का लाभ ले सकेंगे, जिनका नाम फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज होगा।

राज्य सरकार ने इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रगति को सुनिश्चित करें। मौजूदा समय में, प्रदेश के 50% से अधिक किसान रजिस्टर्ड हो चुके हैं। कुछ जिलों ने इसमें विशेष उपलब्धि भी हासिल की है,  जैसे रामपुर, बिजनौर, हरदोई, श्रावस्ती और पीलीभीत, जहां 57% से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।

हर गांव में लगेगा विशेष कैंप

सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को गति देने के लिए 16 अक्टूबर से 30 नवंबर 2025 तक विशेष कैंप लगाने का निर्णय लिया है। इस दौरान हर गांव में कम से कम एक कैंप लगाया जाएगा, जहां मौके पर ही किसानों का रजिस्ट्रेशन और जानकारी अपडेट करने का काम होगा। इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जो तकनीकी या जानकारी की कमी के कारण अब तक फार्मर रजिस्ट्री से दूर हैं।

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यह प्रक्रिया किसानों के लिए केवल पीएम किसान योजना तक सीमित नहीं रहेगी। एक बार रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद, किसान को एक यूनिक कोड (ID) मिलेगा, जिससे वह आगे चलकर फसल बीमा, कृषि यंत्र पर सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं का भी लाभ उठा सकेगा। इससे किसानों को हर बार अलग-अलग दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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फर्जीवाड़ा होगा बंद, योजनाएं बनेंगी पारदर्शी

सरकार का कहना है कि इस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी लाभार्थियों की पहचान रोकी जा सकेगी। किसान के सभी खेत, जमीन की जानकारी, रकबा और फसलें ऑनलाइन दर्ज होंगी, जिससे योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचेगा। इसके अलावा, आधार नंबर से लिंकिंग से सभी जानकारियाँ स्वतः सत्यापित हो जाएंगी।

अगर कोई किसान अभी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं भी ले रहा है, फिर भी यदि वह भविष्य में किसी भी सरकारी कृषि योजना से जुड़ना चाहता है, तो उसके लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया सरकार को एक सेंट्रल डेटा सिस्टम बनाने में भी मदद करेगी, जिससे भविष्य की योजनाओं की सटीक योजना और निगरानी की जा सकेगी।

सरकार की अपील: समय रहते रजिस्ट्रेशन कराएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा करें ताकि अगली किस्त से वंचित न रह जाएं। साथ ही, ग्राम प्रधानों और कृषि विभाग के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को इस बारे में जागरूक करें और रजिस्ट्रेशन में हर संभव सहायता दें।

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का हर किसान इस डेटाबेस का हिस्सा बने, जिससे योजनाओं की पहुँच और क्रियान्वयन दोनों बेहतर हो सकें। आने वाले समय में फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान की तरह काम करेगी, जिससे उन्हें सरकारी सहायता प्राप्त करने में कोई रुकावट न हो।

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