किसानों की फार्मर आईडी अनिवार्य, कलेक्टर ने गांव-गांव जाकर पंजीयन तेज करने के दिए निर्देश
03 जनवरी 2026, भोपाल: किसानों की फार्मर आईडी अनिवार्य, कलेक्टर ने गांव-गांव जाकर पंजीयन तेज करने के दिए निर्देश – मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के कलेक्टर बालागुरू के. ने भैरूंदा जनपद के अनेक ग्रामों में पहुंचकर विकास एवं निर्माण कार्यों, फॉर्मर रजिस्ट्री, वन व्यवस्थापन सहित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उनका क्रियान्वयन समय-सीमा में, गुणवत्ता के साथ और पारदर्शिता से किया जाए, इसलिए सभी अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बालागुरू के. सर्वप्रथम ग्राम सेवनिया पहुंचे, जहां उन्होंने पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र एवं विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी एवं विद्यालय परिसरों में स्वच्छता तथा मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसे तत्काल दूर किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने वन ग्रामों से राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन की कार्यवाही की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर बालागुरू के. ने ग्राम महागांव करिमा में फार्मर रजिस्ट्री के लिए लगाए गए कैंप का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद किया। उन्होंने संबंधित पटवारी को निर्देशित किया कि आगामी दिनों में खाद का वितरण ई-टोकन प्रक्रिया से किया जाएगा, जिसके लिए फार्मर आईडी आवश्यक है, इसलिए सहकारी समितियों में पंजीकृत सभी किसानों की फार्मर आईडी शत-प्रतिशत तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान इससे वंचित न रहे, इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित किया जाए, क्योंकि खाद प्राप्त करने और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है।
इसके पश्चात कलेक्टर ग्राम वासुदेव पहुंचे, जहां उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने गांव के दोनों मतदान केंद्रों पर पहुंचकर बीएलओ से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नो-मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस समय पर तामील किए जाएं, ताकि मतदाता सूची शुद्ध और अद्यतन रह सके। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा किए जा रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बालागुरू के. ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी ग्राम में फौती नामांतरण का कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की मृत्यु हो जाती है तो पंचायत द्वारा शीघ्र मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाए और उसके पश्चात वैध वारिसों के नाम राजस्व अभिलेखों में तत्काल दर्ज किए जाएं, जिससे हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसी क्रम में कलेक्टर ग्राम नवलगांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा वन व्यवस्थापन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाया जाए और पौधारोपण एवं संरक्षण कार्यों में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बालागुरू के. ने ग्राम गोपालपुर पहुंचकर आयुष विभाग के लिए आवंटित भूमि का निरीक्षण किया तथा राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुधीर कुशवाह, तहसीलदार सौरभ शर्मा, जनपद सीईओ संजय अग्रवाल, नायब तहसीलदार मो. अनीस कुरैशी सहित राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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