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राज्य कृषि समाचार (State News)

कपास का उत्पादन करने वाले किसानों को दी ये महत्वपूर्ण सलाह

22 अप्रैल 2025, भोपाल: कपास का उत्पादन करने वाले किसानों को दी ये महत्वपूर्ण सलाह – देश के कई किसान ऐसे भी है जो अन्य फसलों के साथ ही कपास का भी उत्पादन कर आर्थिक लाभ प्राप्त करते है और यही कारण है कि केन्द्र के साथ ही राज्य सरकारें कपास उत्पादक किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन करती है। ऐसे ही किसानों को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने सलाह दी है कि वे कपास का उत्पादन कैसे और किस तरह से करें। बता दें कि कपास की बुवाई का समय हो गया है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय   ने कपास की बिजाई के समय को देखते हुए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है। कृषि विश्वविद्यालय    ने कहा है कि किसान बीटी कपास  की बिजाई यदि अप्रैल के पहले पखवाड़े में करते हैं, तो मूंग की दो कतार एवं कपास की दो कतार लगा सकते हैं। रेतीले इलाकों में बीटी कपास की बिजाई ड्रिप सिंचाई प्रणाली (टपका विधि) के माध्यम से भी की जा सकती है। इसके अलावा, जिन इलाकों में पानी खराब है एवं कपास के जमाव में दिक्कत, उन क्षेत्रों में कपास की बिजाई किसान मेढ़  बनाकर करें, जिससे नमी संरक्षण, खरपवार नियंत्रण और उत्पादन वृद्धि में मदद मिलेगी।  कृषि विश्वविद्यालय के मुताबिक, बीटी कपास की बिजाई के लिए किसान भाई कृषि विश्वविद्यालय द्वारा सिफारिश किया हुआ बीज ही इस्तेमाल करें, जिसकी जानकारी हेतु किसान अपने जिले के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।  इसके अलावा, कृषि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी सिफारिश कपास बीजों की जानकारी उपलब्ध है। बीटी कपास (BT Cotton) का बीज प्रमाणित संस्था या अधिकृत विक्रेता से ही लें और इसका पुष्टिकृत यानी पक्का बिल जरूर लें। किसान भाई खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं, ताकि मिट्टी की जांच का आधार पर ही पोषक तत्वों की मात्रा का प्रयोग किया जा सकें। 

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