जैविक कृषि में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रारंभ

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रीवा। कृषि विज्ञान केन्द्र में कृषि महाविद्यालय रीवा के स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को जैविक कृषि में दो दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। जवाहरलाल नेहरू कृृ. वि. वि. जबलपुर के प्रमंडल सदस्य एवं सीधी विधायक श्री केदारनाथ शुक्ला मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा महाविद्यालय रीवा के अधिष्ठाता डॉ. एस. एस. भदौरिया विशिष्ठ अतिथि रहे। उद्घाटन समारोह में कृषि महाविद्यालय रीवा के अधिष्ठााता डॉ. एस. के. पाण्डेय की अध्यक्षता में मॉ सरस्वती की पूजा के साथ प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कार्यक्रम संचालक डॉ. एस. के. त्रिपाठी, डॉ. ए.के. जैन, डॉ. एस.पी. मिश्रा, डॉ. ए.एस. चौहान, डॉ. वी. एम. मौर्या, डॉ. आर.के. तिवारी, डॉ. आर.पी. जोशी, डॉ. एम.आर. ठीगंरा, डॉ. राजेश तिवारी कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अजय पाण्डेय एवं वैज्ञानिक डॉ. सी.जे. सिंह, डॉ. किंजल्क सिंह, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. ब्रजेश तिवारी, डॉ. ए.के. पटेल, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. स्मिता सिंह, डॉ. के.एस. बघेल, श्री एम.के. मिश्रा, श्री संदीप शर्मा, कु. मंजू शाुक्ला इत्यादि उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि श्री केदारनाथ शुक्ला ने अपने उद्बोधन में छात्रों को जैविक खेती को उद्यम बनाकर उद्यमी बनने के लिए कहा। डॉ. एस. एस. भदौरिया ने जैविक कृषि में पशुपालन के महत्व को बताया। डॉ. एस.के. पाण्डेय ने जैविक कृषि में सफल पशुपालन की जानकारी दी। डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने नीली, हरी शैवाल एवं एजोला के प्रयोग से सफल जैविक खेती को विस्तृत रूप से समझाया। डॉ. आर.पी. जोशी ने केंचुआ खाद उत्पादन की जानकारी दी।

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