कृषि को लाभकारी बनाने आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती पर जोर
झाबुआ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से की ऑनलाइन चर्चा, प्रशासन को कम वर्षा की संभावना को देखते हुए तैयार रहने के निर्देश
20 जुलाई 2026, झाबुआ: कृषि को लाभकारी बनाने आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती पर जोर – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को झाबुआ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 के अंतर्गत किसानों से ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और आधुनिक तकनीक के साथ प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कम वर्षा की संभावना को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ किसानों की सहायता के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत इंदौर से की गई है। आगामी आयोजन 21 जुलाई को आलीराजपुर, 23 जुलाई को बड़वानी, 25 जुलाई को खरगोन, 27 जुलाई को बुरहानपुर और 30 जुलाई को खंडवा में होंगे।
उन्होंने बताया कि किसानों को तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। पांच रुपये में बिजली कनेक्शन तथा डेयरी विकास के लिए 40 लाख रुपये तक की योजना में 33 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत झाबुआ जिले में 50 कृषि सखियों का चयन किया गया है। वर्तमान में जिले में करीब 3,125 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है और किसानों की उपज का प्रमाणीकरण भी कराया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत कड़कनाथ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में कड़कनाथ पालन से जिले में एक हजार से अधिक नए हितग्राही जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन, डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन किसानों की नियमित आय का मजबूत आधार बन सकते हैं। जिले में 760 से अधिक तालाब विकसित किए गए हैं, जहां लगभग तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि खरीफ-2026 में अब तक 23,230 हेक्टेयर में कपास की बोवनी हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 16 प्रतिशत अधिक है। बदनावर के पीएम मित्र पार्क से झाबुआ के कपास उत्पादकों को ‘खेत से कारखाने’ तक की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों की आय, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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