राज्य कृषि समाचार (State News)

MP में शुरू होगा ‘एक बगिया मां के नाम’ प्रोजेक्ट: फलों का बाग लगाने पर महिलाओं को मिलेगा मोटा मुनाफा

03 जुलाई 2025, भोपाल: MP में शुरू होगा ‘एक बगिया मां के नाम’ प्रोजेक्ट: फलों का बाग लगाने पर महिलाओं को मिलेगा मोटा मुनाफा – मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठी पहल की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि राज्य में 15 अगस्त 2025 से ‘एक बगिया मां के नाम’ प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसके तहत महिलाओं को फलों का बाग लगाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी।

यह योजना मनरेगा के माध्यम से चलाई जाएगी और इसमें राज्य की 30 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को शामिल किया जाएगा। इन महिलाओं को निजी भूमि पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाने का अवसर मिलेगा।

क्या है ‘एक बगिया मां के नाम’ प्रोजेक्ट?

इस योजना के तहत 30 हजार एकड़ निजी जमीन पर बागवानी की जाएगी, जिसमें करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। चयनित महिलाओं को सरकार की ओर से फलदार पौधे, खाद, गड्ढे खोदने की सुविधा, सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर जलकुंड और फेंसिंग के लिए कंटीले तार उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही बागवानी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

बिना ज़मीन वाली महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

अगर महिला के पास खुद की ज़मीन नहीं है, तो भी वह इस योजना का लाभ ले सकती है। वह पति, पिता, ससुर या पुत्र के नाम की रजिस्ट्री वाली भूमि पर भी बाग लगा सकती है, बशर्ते वह उनकी लिखित सहमति ले।

तकनीक से होगा चयन

इस परियोजना में ‘सिपरी’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से लाभार्थी की जमीन का परीक्षण किया जाएगा। इस तकनीक से यह तय होगा कि किस इलाके में कौन-सा फलदार पौधा सही रहेगा और पौधारोपण का सही समय क्या होगा। अगर जमीन उपयुक्त नहीं पाई जाती तो वहां पौधे नहीं लगाए जाएंगे।

कब और कैसे होगा पौधारोपण?

परियोजना के तहत 15 अगस्त से 15 सितंबर 2025 तक पूरे प्रदेश में पौधारोपण किया जाएगा। इच्छुक महिलाएं आजीविका मिशन के माध्यम से आवेदन करेंगी और पात्रता के अनुसार उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements