Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. चंदेल ने कृषकों को हल्दी की उन्नत किस्मों के पौधे वितरित किये

19 जुलाई 2024, रायपुर: कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. चंदेल ने कृषकों को हल्दी की उन्नत किस्मों के पौधे वितरित किये – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने आज यहां कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (दुर्ग) द्वारा तैयार हल्दी की उन्नत किस्मों के पौधे प्रगतिशील किसानों को प्रदान किये। ये पौधे सुपारी एवं मसाला निदेशालय कालीकट, केरल द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में संचालित अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत विकसित किये गये हैं। इस परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा द्वारा हल्दी की उन्नत किस्मों के एक लाख पौधे तैयार कर किसानों को वितरित किये जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सुपारी एवं मसाला निदेशालय कालीकट, केरल द्वारा विभिन्न मसाला फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकी तथा नवीन प्रजातियों के प्रचार-प्रसार हेतु किसानों के खेतों में फसल प्रदर्शन हेतु तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसी कड़ी में आज यहां हल्दी की उन्नत किस्मों के पौधों के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा, सगंध, मसाला एवं औषधीय फसलों के टीम लीडर डॉ. पी.के. जोशी, कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन, सगंध, मसाला एवं औषधीय फसल अनुसंधान परियोजना के प्रभारी डॉ. येमन कुमार देवांगन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. कमल नारायण वर्मा सहित अनेक प्रगतिशील कृषक उपस्थित थे।

सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Ad DesktopAd TabletAd Mobile

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com