गौशालाओं के लिए जिला कलेक्टरों को मिलेगा आवंटन का अधिकार

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23 जुलाई 2022, जयपुर । गौशालाओं के लिए जिला कलेक्टरों को मिलेगा आवंटन का अधिकार – राज्य के निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण एवं राज्य सरकार की पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत स्तरीय नन्दीशालाओं एवं गौशालाओं की स्थापना की योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों और विभिन्न नवाचारों पर विचार करने हेतु मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक स्वायत्त शासन मंत्री श्री शान्ति धारीवाल की अध्यक्षता में शासन सचिवालय के समिति कक्ष में आयोजित की गयी।

मंत्रिमण्डलीय उपसमिति ने विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा कर दूरगामी एवं जनहित के निर्णय लिए। उपसमिति के निर्णय अनुसार सभी जिला कलक्टरों को सिवायचक भूमि गौशालाओं हेतु आवंटन के अधिकार देने के साथ ही चारागाह भूमि पर न्यायालय में लंबित प्रकरण में गौशालाओं का पक्ष मजबूती से रखने का निर्णय लिया गया। राज्य सरकार की नन्दीशाला/ गौशाला योजनाओं को आरटीपीपी के नियमों से शिथिलता प्रदान करने तथा संस्थाओं को 2 प्रतिशत बिड सिक्यूरिटी और ढाई प्रतिशत प्रतिभूति राशि की शर्त को विलोपित करते हुए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने का निर्णय भी लिया गया।

उपसमिति में लिए गये एक और निर्णय के अनुसार अब पंचायत समिति स्तरीय नन्दीशालाओं के लिए भूमि की आवश्यकता 20 बीघा से घटाकर 10 बीघा कर दी गई है और ग्राम पंचायत स्तरीय गौशालाओं के लिए 5 बीघा की आवश्यकता तय की गयी है। नन्दीशाला एवं गौशाला स्थापना की शर्तों में और शिथिलता देते हुए संस्थाओं के तीन वर्ष पुराने पंजीकरण एवं अनुभव की शर्त को शिथिल करते हुए संस्था का पंजीकृत होना मात्र की शर्त रखी गयी है।

बैठक में गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया, पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया, जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी मंत्री श्री महेश जोशी, राजस्व मंत्री श्री रामलाल जाट, गोपालन विभाग के शासन सचिव श्री पी.सी. किशन व गोपालन विभाग के निदेशक डॉ. लाल सिंह उपस्थित रहे।

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