राज्य कृषि समाचार (State News)

डिंडोरी: प्रमुख सचिव ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

23 जनवरी 2026, डिंडोरी: डिंडोरी: प्रमुख सचिव ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा हेतु मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव श्री अनुराग जैन द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के अंतर्गत शामिल कृषि विभाग, मत्स्य, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, एनआरएलएम, सहकारिता, उद्योग विभाग, कौशल विकास, राजस्व, आत्मा, कृषि अभियांत्रिकी, वाटरशेड एवं कृषि विज्ञान अनुसंधान केन्द्र सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के कार्यों की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान योजना के सफल संचालन हेतु जिले की ब्रांड एम्बेसडर मिलेट्स क्वीन सुश्री लहरी बाई के कार्यों की सराहना की गई। सुश्री लहरी बाई द्वारा मिलेट्स सहित 150 से अधिक पारंपरिक बीजों का संरक्षण किया गया है तथा पारंपरिक बीज बैंक एवं विनिमय प्रणाली के माध्यम से बीज वितरण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उन्हें वर्ष 2021-22 में पादप जीनोम संरक्षक किसान सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।  कृषि विभाग द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार हेतु कृषि रथ के माध्यम से 105 ग्रामों में भ्रमण कर दूर-दराज क्षेत्रों में निवासरत किसानों को प्रत्यक्ष रूप से योजना की जानकारी दी जा रही है।

समीक्षा बैठक में योजना से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधिकरण, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन, सिंचाई संरचनाओं में सुधार, जैविक संसाधन आधारित इकाइयों का विकास, दलहन-तिलहन, मशरूम, बांस एवं पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहन देना है। इसके साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी, शहद, कुक्कुट एवं गोवंश आधारित आजीविका को सशक्त बनाना, फसल ऋण वितरण, राइस मिल एवं वेयरहाउस की स्थापना, किसानों को उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना, छोटी कृषि जोतों का विस्तार, पलायन में कमी, असिंचित भूमि को सिंचित बनाना तथा उपार्जन केन्द्रों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।  बैठक में जिले के जैविक उत्पादों के प्रभावीकरण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।  वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कलेक्टर डिंडौरी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, अपर कलेक्टर श्री जे.पी. यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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