पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत डिंडौरी को मिला राष्ट्रीय सम्मान, फसल विविधीकरण के नवाचारों की हुई सराहना
15 अक्टूबर 2026, भोपाल: पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत डिंडौरी को मिला राष्ट्रीय सम्मान, फसल विविधीकरण के नवाचारों की हुई सराहना – प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) के अंतर्गत “फसल विविधीकरण एवं सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने” की श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य एवं नवाचारों के लिए डिंडोरी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित पूसा भवन में आयोजित समारोह में माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा जिले को यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर डिंडोरी जिले की कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री अंजू पवन भदौरिया के साथ अमरपुर विकासखंड के ग्राम अलोनी की महिला कृषक एवं कृषि सखी श्रीमती कमला यादव भी मंच पर उपस्थित रहीं।
उनकी सहभागिता कृषि क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भूमिका तथा जमीनी स्तर पर किए जा रहे कृषि नवाचारों के महत्व को रेखांकित करती है। फसल विविधीकरण एवं सतत कृषि की दिशा में प्रयास इस पहल का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ विभिन्न प्रकार की फसलों को अपनाने तथा ऐसी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है, जिनसे मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता का संरक्षण, जल संसाधनों का संवर्धन, कृषि लागत में कमी तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। फसल विविधीकरण के अंतर्गत एक ही फसल पर निर्भरता कम करते हुए दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, बागवानी फसलों तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल अन्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वहीं सतत कृषि पद्धतियों के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संरक्षण, फसल चक्र, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिंडोरी की कृषि विशेषताओं को मिली राष्ट्रीय पहचान आदिवासी बहुल एवं कृषि-प्रधान डिंडोरी जिले में स्थानीय जलवायु, मृदा एवं पारंपरिक कृषि ज्ञान के अनुरूप कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज, दलहन एवं अन्य उपयुक्त फसलों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
ऐसी कृषि पद्धतियाँ किसानों को फसल जोखिम कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा आजीविका को अधिक टिकाऊ बनाने में सहायक हैं। डिंडोरी जिले को प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, किसानों की सक्रिय सहभागिता, कृषि सखियों की भूमिका तथा कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है। यह उपलब्धि जिले के किसानों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को सतत एवं नवाचार आधारित कृषि की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


