धानुका एग्रीटेक ने इनोवेटिव एग्रीकल्चर अवॉर्ड से किसानों को सम्मानित किया

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(नई दिल्ली कार्यालय)

इस अवसर पर, नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने व उनका अभ्यास करने के लिए विभिन्न श्रेणियों में 32 पुरस्कारों से किसान सम्मानित किए गए। कृषि में उत्कृष्ट योगदान के लिए एक लाख रूपये की नकद पुरस्कार राशि के साथ 12 किसानों को इनोवेटिव फार्मर्स अवॉर्ड और एक किसान को फॉर्मर ऑफ द ईयर का सम्मान मिला। इसी तरह से पानी व वर्ष-जल संचय श्रेणी में किसानों व संस्थानों को आठ पुरस्कार दिए गए। केवीके व कृषि विश्वविद्यालयों (राष्ट्रीय व राज्य स्तर) को कृषि में बेहतरीन काम करने वाली नवीन तकनीकों के लिए दो पुरस्कार दिए गए। साथ ही, व्यापारियों व वितरकों को प्रसार सेवा में नयापन लाने के लिए चार पुरस्कार मिले।

नई दिल्ली। भारत की अग्रणी कृषि-रसायन कंपनियों में से एक, धानुका एग्रीटेक लिमि. ने धानुका इनोावेटिव एग्रीकल्चर अवॉर्ड (डीआईएए) के पहले संस्करण में किसानों को सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह नई दिल्ली के राष्ट्रीय कृषि परिसर स्थित सी.सुब्रमण्यम सभागार में संपन्न हुए, जहां मुख्य अतिथि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय, श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और केंद्रीय राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, श्री कैलाश चौधरी उपस्थित थे।
श्री कैलाश चौधरी, केन्द्रीय राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण, भारत सरकार ने कहा, ‘इस तरह का मंच तैयार करने के लिए हम धानुका एग्रीटेक के प्रयासों की सराहना करते हैं, जो कि किसानों को कृषि में नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उनका हौसला बढ़ायेंगे। सारे किसानों को उनसे सीखना चाहिए कि वह अपनी फसल के पूर्ण स्वामी बनें। किसान को अपनी फसल की कीमत खुद तय करनी चाहिए। आगे चलकर हमारे किसानों को समृद्ध बनना चाहिए और ऐसी स्थिति बननी चाहिए कि वह कर्ज दें ना कि लें।
श्री आर.जी. अग्रवाल
इसके पूर्व, धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के अध्यक्ष श्री आर.जी. अग्रवाल ने कहा, ‘हमारे इन पुरस्कारों को नया काम करने वाले किसान समुदाय को सम्मानित करने के लिए स्थापित किया है। किसान व खेतिहर समुदाय उपज और आमदनी बढ़ाने के लिए अपने कामकाजी तरीके साझा करें, यही प्रोत्साहित करने की हमारी कोशिश है। इस मौके पर श्री अशोक दलवई, सीईओ, ‘नेशनल रेनफीड एरिया अथॉरिटी (एनआरएए), भारत सरकार ने कहा, ‘अब हम उस समुदाय को सुरक्षित करने के बारे में सोच रहे हैं, जिन्होंने हमारे देश को खाद्य सुरक्षित बनाया। हमें किसान भाईयों की आय सुरक्षा पर जोर देना चाहिए। उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए हमारी सारी जानकारी, विज्ञान, नीतियों को नया रूप देने की जरूरत है। आय की सुरक्षा के बाद, हमारा अगला कदम किसानों को व्यापारी बनाना है, जो कि लाभ के लिए काम करे।
कार्यक्रम में म.प्र. के पूर्व संचालक डॉ. जी.एस. कौशल ने धानुका के साथ वर्ष 2001-02 में पीपीपी आधार पर राज्य में किए गए नवोन्मेषी विस्तार गतिविधियों की प्रस्तुति दी।
पुरस्कार ज्यूरी
पांच सदस्य ज्यूरी में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली के प्रतिनिधित्व करने वाले प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक थे, जिन्होंने विजेताओं के स्वतंत्र मूल्यांकन को सुनिश्चित किया। पूरे देश से कुल 4466 आवेदन प्राप्त हुए और 2558 आवेदन अंतिम समीक्षा के लिए स्वीकृत किए गए। धानुका एग्रीटेक ने पूरे जीडीपी विकास में कृषि की भूमिका को रेखांकित करने के लिए 8 जनवरी 2020 को दिल्ली में ‘भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि कैसे सहायकÓ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. आई.एस. तोमर, श्री अश्विनी सिंह चौहान उज्जैन, श्री बालाराम पाटीदार, सारंगी जिला झाबुआ, सीपेन्द्र सिंह को पुरस्कृत किया गया है।
मुख्य अतिथि केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय, श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और केन्द्रीय राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, श्री कैलाश चौधरी ने इस संगोष्ठी का उद्घाटन किया, जिससे कई सारी विचारोत्तेजक जानकारियां हासिल हुईं। वरिष्ठ अधिकारियों व वैज्ञानिकों, कृषि रसायन उद्योगों, अकादमियों, तकनीक विशेषज्ञों व कॉरपोरेट, मीडिया कर्मियों, वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान के विद्यार्थियों ने इस सत्र में भाग लिया। करीब 22 लाख के कुल 32 पुरस्कार 32 किसानों को बांटे गए।

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