डेयरी सेक्टर में दतिया की बड़ी छलांग, रोजाना 1 लाख लीटर दूध का हो रहा संग्रहण; पशुपालकों की आय में लगातार वृद्धि
07 मई 2026, भोपाल: डेयरी सेक्टर में दतिया की बड़ी छलांग, रोजाना 1 लाख लीटर दूध का हो रहा संग्रहण; पशुपालकों की आय में लगातार वृद्धि – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्य बनाने के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में दतिया जिले में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के मार्गदर्शन में जिले के दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने हेतु संगठित एवं निजी क्षेत्र की डेयरियों के माध्यम से प्रभावी व्यवस्थाएं की गई हैं।
जिले में अमूल डेयरी, मालव डेयरी एवं मध्यप्रदेश के ब्रांड सांची के माध्यम से दुग्ध संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में दतिया जिले में प्रतिदिन लगभग 1 लाख लीटर दूध का संग्रहण दुग्ध समितियों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पशुपालकों के खातों में प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इससे पशुपालकों की आय में वृद्धि होने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार एवं सामाजिक सशक्तिकरण को भी बल मिल रहा है।
दतिया में अमूल डेयरी द्वारा प्रतिदिन लगभग 70 हजार लीटर तथा निजी क्षेत्र की मालव डेयरी द्वारा लगभग 36 हजार लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। दुग्ध संग्रहण की दर लगभग 900 रुपये प्रति किलोग्राम फैट के अनुसार निर्धारित है। इसी क्रम में सांची डेयरी द्वारा जिले में दो मिल्क रूट स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रथम रूट ग्राम रेडा से थरेट तक लगभग 50 किलोमीटर का होगा, जिसमें 40 से 50 दुग्ध समितियों की स्थापना प्रस्तावित है। द्वितीय रूट बहादुरपुर से डांडा-बदनपुर तक लगभग 22 किलोमीटर का होगा, जिसमें लगभग 20 दुग्ध सहकारी समितियां प्रारंभ की जाएंगी। इन दोनों रूट्स पर प्रतिदिन लगभग 7000 लीटर दूध का संग्रहण सांची डेयरी द्वारा किया जाएगा। प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है तथा पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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