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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में मोटे अनाजों की खेती को सभी स्तरों पर प्रोत्साहित किया जाए : राज्यपाल

श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर का दीक्षांत समारोह

26 मार्च 2023, जयपुर । राजस्थान में मोटे अनाजों की खेती को सभी स्तरों पर प्रोत्साहित किया जाए : राज्यपाल – राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने विश्व की बढ़ती आबादी को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए मोटे अनाजों की खेती को सभी स्तरों पर प्रोत्साहित किए जाने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि पोषण से भरपूर मोटे अनाजों के नियमित सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है, इसलिए मोटे अनाजों के उत्पादों को आम जनता में लोकप्रिय करने के अधिकाधिक प्रयास किए जाने चाहिए।

राज्यपाल श्री मिश्र श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के दीक्षांत समारोह के अवसर पर राजभवन से ऑनलाइन सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की पहल पर ही वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है और मोटे अनाजों के महत्व को समझने एवं इनके उत्पादन की जागरूकता के लिए प्रयास शुरू हुए हैं।

राज्यपाल ने कहा कि यह समय स्मार्ट कृषि का है। रिमोट सेन्सिंग, आईओटी, रोबोटिक्स, बिग डाटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने खेती में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को स्मार्ट खेती से जुड़ी नई तकनीकों के प्रति किसानों को जागरूक करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि कृषि पद्धतियों के प्राचीन और नवीन ज्ञान का संयोजन करते हुए किसानों के लिए प्रभावी पद्धतियां तैयार करने की आवश्यकता है ताकि कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी, खाद्य सुरक्षा हेतु खाद्य उत्पादन एवं भंडारण, पर्याप्त पोषण युक्त खाद्य उपलब्ध कराने के वांछित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

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राज्यपाल श्री मिश्र ने आठ स्वर्ण पदक विजेता और उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए चार छात्राओं को स्वर्ण पदक मिलने पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की।

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इस अवसर पर 32 विद्यार्थियों को पीएचडी, 75 को स्नातकोत्तर, 3 को समेकित कृषि स्नातकोत्तर उपाधियां, 985 विद्यार्थियों को कृषि स्नातक उपाधियां तथा आठ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

कृषि, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने कहा कि प्रदेश में कृषि के साथ उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और कृषि वानिकी को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में पहल करते हुए जोबनेर में श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एण्ड डेयरी टेक्नोलॉजी महाविद्यालय प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान बजट में भी इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत दुर्गापुरा में उद्यानिकी महाविद्यालय प्रारम्भ करने की घोषणा की गई है।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. बलराज सिंह ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि थाइलैंड के प्रतिष्ठित संस्थान एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालोजी में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को संवहनीय कृषि से जुड़े नवाचारों के प्रशिक्षण हेतु भेजा गया है। राज्यपाल श्री मिश्र ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और कन्या छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने समारोह के आरम्भ में भारतीय संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्यों का वाचन किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के अधिकारी, विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल एवं अकादमिक परिषद् के सदस्यगण, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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