खीरे की खेती से चमकी किसान की किस्मत, एक सीजन में कमाया 10 लाख तक का मुनाफा; गुजरात तक हो रही सप्लाई
10 जून 2026, भोपाल: खीरे की खेती से चमकी किसान की किस्मत, एक सीजन में कमाया 10 लाख तक का मुनाफा; गुजरात तक हो रही सप्लाई – उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर ग्राम रुणिजा के प्रगतिशील किसान श्री तेजराम नागर ने आधुनिक खेती के जरिए अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना के तहत अनुदान प्राप्त कर पॉलीहाउस का निर्माण कराया और खीरा (ककड़ी) की उन्नत खेती शुरू की, जिससे उन्हें लागत की तुलना में कई गुना अधिक लाभ मिल रहा है।
16.88 लाख रुपये के अनुदान से बनाया पॉलीहाउस
श्री तेजराम नागर ने लगभग 3 एकड़ कृषि भूमि पर आधुनिक पॉलीहाउस का निर्माण किया। इसके लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा MIDH योजना के अंतर्गत 16 लाख 88 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पॉलीहाउस में उन्होंने खीरा-ककड़ी की खेती शुरू की, जो अब उनकी आय का प्रमुख स्रोत बन गई है।
एक एकड़ में 70 से 80 टन तक उत्पादन
किसान तेजराम नागर के अनुसार एक एकड़ में औसतन 70 से 80 टन खीरे का उत्पादन हो रहा है। उत्पादित खीरे की 40 किलोग्राम की बॉक्स पैकिंग कर उसे आसपास के शहरों के अलावा गुजरात के विभिन्न शहरों में भेजा जा रहा है। बेहतर गुणवत्ता के कारण बाजार में उनके उत्पाद की अच्छी मांग बनी हुई है।
एक सीजन में 8 से 10 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ
पॉलीहाउस तकनीक अपनाने के बाद उन्हें एक सीजन में 8 से 10 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। वे वर्ष में दो फसलें ले रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के कारण खेती अब उनके लिए लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है।
अन्य योजनाओं का भी मिला लाभ
श्री तेजराम नागर के पास करीब 25 बीघा कृषि भूमि है, जिसमें वे मिर्च, प्याज और लहसुन की खेती भी करते हैं। शासन की अन्य योजनाओं के तहत उन्हें ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई संयंत्र लगाने के लिए भी अनुदान मिला है। इसके साथ ही वे कुछ क्षेत्र में जैविक खेती भी कर रहे हैं।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
श्री तेजराम नागर ने अपनी सफलता का श्रेय उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन और MIDH योजना के तहत मिले अनुदान को दिया है। उन्होंने विभाग और मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर किसान अपनी आय में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनकी सफलता आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
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