खाद की कालाबाजारी पर छत्तीसगढ़ में सख्ती, खरीफ सीजन में 516 मामलों में कार्रवाई
31 अगस्त 2026, रायपुर: खाद की कालाबाजारी पर छत्तीसगढ़ में सख्ती, खरीफ सीजन में 516 मामलों में कार्रवाई – किसानों को निर्धारित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमित बिक्री पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ कृषि विभाग ने प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। खरीफ 2026 में अब तक प्रदेशभर में उर्वरक संबंधी अनियमितताओं के 516 मामलों में कार्रवाई की गई है। जबकि खरीफ 2025 में इस तरह के केवल 44 मामलों में कार्रवाई हुई थी। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 472 अधिक मामलों में कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत उर्वरक विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि किसानों को सही गुणवत्ता का खाद निर्धारित दर पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
13 मामलों में एफआईआर, 107 लाइसेंस निलंबित
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ 2026 में अब तक की गई 516 कार्रवाई में 13 मामलों में एफआईआर दर्ज, 72 मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई, 16 उर्वरक विक्रय लाइसेंस निरस्त और 107 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा 115 मामलों में उर्वरक जब्त किया गया, जबकि 193 मामलों में खाद की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया।
इसके मुकाबले खरीफ 2025 में कुल 44 कार्रवाई हुई थी। इनमें एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। चार मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई, दो लाइसेंस निरस्त, दो मामलों में जब्ती, तीन लाइसेंस निलंबित और 33 मामलों में बिक्री प्रतिबंध लगाया गया था।
दुकानों और स्टॉक की जांच
कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व में प्रदेशभर में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों के नियमित और आकस्मिक निरीक्षण किए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा दुकानों पर उर्वरक का स्टॉक, भंडारण व्यवस्था, बिक्री रिकॉर्ड, निर्धारित मूल्य, लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने अधिकारियों को अधिक कीमत पर खाद बेचने, अवैध भंडारण और नियमों के विरुद्ध बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य सब्सिडी वाले उर्वरक की कालाबाजारी रोककर उसे वास्तविक किसानों तक पहुंचाना है।
खाद खरीदते समय रसीद जरूर लें किसान
कृषि विभाग ने किसानों से उर्वरक खरीदते समय निर्धारित कीमत और गुणवत्ता की जांच करने तथा बिल या रसीद अनिवार्य रूप से लेने की अपील की है। यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत मांगता है, खाद की कालाबाजारी या जमाखोरी करता है अथवा बिक्री में किसी प्रकार की अनियमितता करता है तो किसान इसकी सूचना निकटतम कृषि अधिकारी को दे सकते हैं।
विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर निगरानी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसानों को समय पर उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद मिल सके।
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