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राज्य कृषि समाचार (State News)

एमपी में गौशालाओं को मिलेगा ₹40 प्रतिदिन प्रति गौवंश अनुदान, 2026-27 के लिए ₹620.50 करोड़ का बजट

22 अगस्त 2026, भोपाल: एमपी में गौशालाओं को मिलेगा ₹40 प्रतिदिन प्रति गौवंश अनुदान, 2026-27 के लिए ₹620.50 करोड़ का बजट – मध्यप्रदेश सरकार ने गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौशालाओं को दिए जाने वाले अनुदान में बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत बताया कि प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में गौवंश के भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन के लिए अब ₹40 प्रति गौवंश प्रतिदिन के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं को अनुदान वितरण के लिए ₹620.50 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

3,212 पंजीकृत गौशालाओं में 5.20 लाख से अधिक गौवंश

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,212 पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं। इनमें 5.20 लाख से अधिक गौवंश के भरण-पोषण एवं व्यवस्थापन के लिए नियमित रूप से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का फोकस गौशालाओं के बेहतर संचालन के साथ गौवंश की देखभाल, नस्ल सुधार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर है।

सिंगल क्लिक DBT से सीधे खाते में पहुंच रहा अनुदान

गौशालाओं को अनुदान देने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सिंगल क्लिक DBT प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत अनुदान की राशि सीधे गौशालाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। सरकार के मुताबिक इससे भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हुई है।

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1 हजार से अधिक नई गौशालाएं शुरू

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार गठन के बाद से प्रदेश में 1 हजार से अधिक नवीन गौशालाओं का संचालन शुरू किया जा चुका है। इनमें 2 लाख से अधिक गौवंश का व्यवस्थित व्यवस्थापन किया जा रहा है। सरकार गौवंश संरक्षण के साथ पशुओं की बेहतर देखभाल और गौशालाओं के प्रभावी संचालन पर भी लगातार काम कर रही है।

गौवंश के अवैध परिवहन पर कड़े प्रावधान

मध्यप्रदेश में गौवंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध है। गौवंश के अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए कानूनी प्रावधानों को भी सख्त किया गया है। अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों को राजसात करने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौवंश संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज की सहभागिता भी जरूरी है। जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों की गौशालाओं में हर साल गोवर्धन पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा नगरीय क्षेत्रों में बड़ी गौशालाओं के संचालन और निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

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