Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

सीएम ने कही ये बड़ी बात-आखिर क्या है किसान कल्याण मिशन का लक्ष्य

28 जनवरी 2025, भोपाल: सीएम ने कही ये बड़ी बात-आखिर क्या है किसान कल्याण मिशन का लक्ष्य – देश में किसानों के लिए भारत सरकार द्वारा किसान कल्याण मिशन जैसी योजना का संचालन किया जाता है और इसका लाभ भी किसानों द्वारा उठाया जाता है। मध्यप्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने इस मिशन को लेकर बड़ी बात कही है। बता दें कि सरकार किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है।

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण मिशन का लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के अनुसार किसान सशक्तिकरण किसी भी सरकार के लिए प्राथमिकता है। इस पर अमल के जरिये ही देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, उन्हें तकनीक-प्रेमी बनाने और कृषि-संबंधी बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

मध्यप्रदेश का कृषि उत्पादन में निरंतर अग्रणी स्थान रहा

मध्यप्रदेश का कृषि उत्पादन में निरंतर अग्रणी स्थान रहा है। प्रदेश को 7 बार कृषि कर्मण अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना, अब प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के नाम से लागू है। अटल कृषि योजना से भी लगभग 26 लाख 59 हजार कृषि उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन गैर-कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में कुल विद्युत उपलब्ध क्षमता 24 हजार 108 मेगावॉट है। मध्यप्रदेश, विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस की स्थिति में है। कृषकों को सौर ऊर्जा लाभान्वित करने के लिये प्रदेश में अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने वाले लगभग सवा लाख किसानों को सौर ऊर्जा के पंप प्रदाय किये जाएंगे।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

किसानों को विद्युत आवश्यकताओं के लिये आत्मनिर्भर बनाया जाएगा

आगामी 4 वर्ष में सौर ऊर्जा पम्प प्रदान कर किसानों को विद्युत आवश्यकताओं के लिये आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। किसानों को अधिक दाम प्रदान करने वाली फसलों को लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के सिंचित क्षेत्र का रकबा अगले 5 वर्ष में 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों को 1 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 3,900 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पकालीन फसल ऋण के लिए इस वर्ष 600 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। विगत वर्ष में किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर प्रति क्विंटल 125 रुपये का बोनस प्रदाय किया गया। देश में पहली बार राज्य सरकार ने सोयाबीन का 4,892 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर उपार्जित करने का निर्णय लिया गया है। लगभग 2 लाख किसानों से प्रदेश में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उपार्जित कर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया गया। खरीफ-2024 में 1.23 लाख क्विंटल से अधिक प्रमाणित बीज का वितरण किया गया। किसानों को उर्वरक प्रदाय करने के लिए केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ ही अमानक उर्वरक बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाओं की भूमिका को सक्रिय बनाकर किसान हित सुनिश्चित किया गया।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com