सरकारी योजनाएं (Government Schemes)राज्य कृषि समाचार (State News)

बेरोजगारी दूर करने का सशक्त माध्यम मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना

04 जुलाई 2024, सीहोर: बेरोजगारी दूर करने का सशक्त माध्यम मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना – ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन कर बेरोजगारी दूर करने का सशक्त माध्यम मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना है। योजना के तहत कम समय में अधिक आय देने वाले व्यवसाय के रूप में अपनाया जा रहा है। राज्य सरकार मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिये प्रयासरत है, जिसके तहत मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत मत्स्य उत्पादन में वृद्धि कर जन सामान्य को मछली के रूप में सस्ता प्रोटीन युक्त  आहार एवं  रोजगार उपलब्ध कराने की योजना ग्रामीण तालाबो में झींगा पालन कर आय अर्जित की जा सकती  है। इस योजना से जुड़ने  के लिए हितग्राही को पात्रतानुसार लाभान्वित किया जावेगा।

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मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना में पात्रता –  मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना सभी वर्ग के लिए है। एनआरएलएम, स्व-सहायता समूह, मछुआ समूह एवं मछुआ सहकारी समिति के माध्यम से मत्स्य बीज संवर्धन, उत्पादन का कार्य कराया जावेगा। प्रति हितग्राही अधिकतम 1.00 है0 में अनुदान की पात्रता और समूह, समिति को अधिकतम 2.00 है0 में अनुदान की पात्रता, योजना में इकाई लागत 4.00 लाख प्रति हेक्टेयर, अनुदान इकाई लागत का 40 प्रतिशत यानी 01 लाख 60 हजार होगी। योजना का क्रियान्वयन झींगा पालन के  इच्छुक हितग्राही के आवेदन पर तालाब की विस्तृत जानकारी जैसे तालाब  पट्टा आदेश, अवधि, अनुबंध की शर्तों का पालन एंव अन्य आवश्यक दस्तावेज जो व्यक्ति विशेष, समूह, समिति को पहचान के लिए आवश्यक हो, क्षेत्रीय अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी मछली पालन विभाग को अपनी अनुशंसा के साथ प्रस्तुत करेगें। अनुदान प्रदान प्रथम किस्त 50 प्रतिशत जब हितग्राही झींगा बीज तालाब में संचयन उपरांत आहार, अन्य इनपुट क्रय करण के भौतिक सत्यापन पश्चात, द्वितीय किस्त 50 प्रतिशत उत्पादित झींगा विक्रय पर देयक के आधार पर अनुपातिक अनुदान, देय होगा।

वित्तीय व्यवस्था-   हितग्राही अपने स्वयं के व्यय, बैंक ऋण,क्रेडिट कार्ड के माध्यम एक हेक्टेयर बारहमासी तालाब के लिए आवर्ती व्यय राशि रू0 4.00 लाख है। झींगा बीज क्रय एवं पैकिंग, पर व्यय राशि 60 हजार, चुना एंव ब्लीचिंग पाउडर पर व्यय राशि 20 हजार, मेन्यूर (गोबर खाद) पर व्यय राशि 10 हजार, सुपर फास्फेट पर व्यय राशि 03 हजार, यूरिया पर व्यय राशि 01 हजार 500, फ्लोटिंग फिश फीड पर व्यय राशि 2 लाख 80,हजार, अन्य व्यय, मत्स्याखेट उपकरण आदि पर व्यय राशि 25 हजार 500, झींगा उत्पादन 1 वर्ष में 2.00 टन झींगा उत्पादन से प्राप्त राशि 400 प्रति किलो के मान से प्राप्त होगी। इस प्रकार कुल आय 4 से 8 लाख होगी।

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