राज्य कृषि समाचार (State News)

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण, किसानों से सीधे पूछेंगे व्यवस्थाओं का हाल  

30 अप्रैल 2026, भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण, किसानों से सीधे पूछेंगे व्यवस्थाओं का हाल –  मध्य प्रदेश में गेहूँ उपार्जन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आने वाले दिनों में उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे सीधे किसानों से संवाद कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेंगे। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर किसी भी समय, किसी भी केंद्र पर उतर सकता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविकता सामने आ सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन द्वारा तय सभी सुविधाएँ किसानों तक सही तरीके से पहुँच रही हैं या नहीं। उन्होंने पहले ही किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूँ उपार्जन एवं स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई तक कर दी है, जिससे अधिक से अधिक किसान अपनी उपज बेच सकें।

उपार्जन केन्द्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएँ

किसानों की सहूलियत के लिए उपार्जन केन्द्रों पर पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी एक केंद्र तक सीमित नहीं रखा गया है, वे जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूँ बेच सकते हैं।

तौल में देरी न हो, इसके लिए केन्द्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है, वहीं आवश्यकता अनुसार जिलों को इसे और बढ़ाने की छूट दी गई है। उपार्जन केन्द्रों पर बारदाना, हम्माल-तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, साफ-सफाई के लिए पंखे और छन्ने जैसी व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की गई हैं।

स्लॉट बुकिंग और खरीदी में बड़ा बदलाव

उपार्जन की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रति केंद्र प्रतिदिन स्लॉट बुकिंग क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है, जिसे जरूरत के अनुसार 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है। किसानों की सुविधा के लिए अब प्रत्येक शनिवार को भी खरीदी और स्लॉट बुकिंग का कार्य जारी रहेगा।

समर्थन मूल्य और भुगतान

प्रदेश में किसानों से गेहूँ की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। अब तक किसानों को 3575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

गुणवत्ता मानकों में राहत

किसानों को राहत देते हुए गेहूँ के एफएक्यू (FAQ) मानकों में शिथिलता दी गई है। चमक विहीन गेहूँ की सीमा 50 प्रतिशत तक, सूखे दानों की सीमा 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है।

अब तक की खरीदी का आंकड़ा

प्रदेश में अब तक 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूँ बेचने के लिए स्लॉट बुक किया है। इनमें से 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।

गत वर्ष जहां 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ था, वहीं इस वर्ष सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा है। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सरकार किसानों को बेहतर सुविधा और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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