छिंदवाड़ा कलेक्टर ने ली कृषि एवं सह संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक
किसानों तक गांव-गांव पहुंचाएं शासकीय योजनाओं की जानकारी
24 अक्टूबर 2026, छिंदवाड़ा: छिंदवाड़ा कलेक्टर ने ली कृषि एवं सह संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक – कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में कृषि एवं सह संबद्ध विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं, कृषि आदान सामग्री की उपलब्धता और किसानों से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। रबी फसलों की बोवनी के लिए अनुमानित रकबे के अनुरूप बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही खाद एवं उर्वरकों के भंडारण और वितरण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि किसानों को कृषि कार्यों के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
रबी सीजन के लिए बीज और खाद की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश – कलेक्टर श्री नारायन ने रबी वर्ष 2026-27 के लिए फसलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस वर्ष जिले में फसलों के अनुमानित रकबे के अनुसार बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस बात पर विशेष ध्यान दें कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर बीज मिल सकें। छोटे और सीमांत किसानों को बीज की अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें और सरकारी बीज उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर भी सतत निगरानी रखी जाए, ताकि रबी सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को कृषि आदान सामग्री की मांग, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। इस वर्ष गेहूं का 2,45,000 हेक्टेयर, चने का 50,000 हेक्टेयर, मसूर का 6000 हेक्टेयर, सरसों का 25000 हेक्टेयर और अलसी का 500 हेक्टेयर रकबे का अनुमान है। जिसके लिए सरकारी क्षेत्र में कुल 73743 क्विंटल और निजी क्षेत्र में 31317 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं।
गांव-गांव तक पहुंचाएं कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी – बैठक में कलेक्टर ने किसानों के हित में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की जानकारी केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। फील्ड के अमले को सक्रिय करें और गांव-गांव तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं। किसानों को योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता और उनसे मिलने वाले लाभों के संबंध में जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर किसानों से संपर्क बनाए रखने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रभावी भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
नरवाई प्रबंधन के लिए अभी से शुरू करें जागरूकता अभियान – कलेक्टर श्री नारायन ने नरवाई प्रबंधन के विषय पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के बाद नरवाई के उचित प्रबंधन के लिए किसानों को अभी से जागरूक किया जाए। किसानों को नरवाई प्रबंधन के उपयुक्त तरीकों, कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी दें और इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं। समय रहते जागरूकता गतिविधियां संचालित करने से किसानों को बेहतर विकल्पों की जानकारी मिलेगी और खेतों में नरवाई के उचित प्रबंधन को प्रोत्साहित किया जा सकेगा। उन्होंने इस कार्य में कृषि विभाग सहित संबंधित मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। नरवाई जलाने वालों पर इस बार सख्ती से जुर्माना लगाया जाएगा।
अल्पावधि रबी ऋण वितरण की भी हुई समीक्षा – बैठक में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अंतर्गत अल्पावधि रबी ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबंधित कार्यों की जानकारी लेते हुए किसानों को ऋण वितरण की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रबी सीजन में किसानों की कृषि संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया, ताकि पात्र किसानों तक संबंधित सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ 2026 में कृषकों को 936.98 करोड़ रूपये का ऋण वितरित करते हुए 107.33 प्रतिशत की लक्ष्य पूर्ति की गई है। रबी 2026-27 में अभी तक 14.20 करोड़ का ऋण वितरित किया जा चुका है।
हिरण्यगर्भा अभियान और पशुपालन संबंधी योजनाओं की समीक्षा – कलेक्टर ने बैठक में हिरण्यगर्भा अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। इसके साथ ही चलित पशु चिकित्सा इकाई के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने पशुपालन से जुड़े कार्यों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने हिरण्यगर्भा योजना के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रति सप्ताह सभी ब्लॉक्स को मिलाकर कम से कम 3 हजार आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन करने के निर्देश दिए। इसकी समीक्षा प्रत्येक टीएल बैठक में भी की जाएगी। बैठक में सीएम डेयरी प्लस योजना, सीएम वृंदावन ग्राम योजना तथा क्षीर धारा ग्रामों से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने डेयरी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया, ताकि योजनाओं का लाभ लक्षित हितग्राहियों तक पहुंच सके।
उद्यानिकी योजनाओं की समीक्षा – कलेक्टर श्री नारायन ने उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत संचालित फल एवं मसाला क्षेत्र विस्तार योजनाओं, संरक्षित खेती, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, पीएमएमएमई सहित विभिन्न योजनाओं में प्रगति एवं लक्ष्य – पूर्ति की भी समीक्षा की। उन्होंने उद्यानिकी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि एवं सह संबद्ध विभागों की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर दुग्ध संघ के जिला अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, मत्स्य पालन सहित कृषि एवं सह संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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