राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़: बीजापुर में बनेगा आधुनिक मत्स्य पालन प्रशिक्षण केंद्र, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

03 जुलाई 2026, बीजापुर: छत्तीसगढ़: बीजापुर में बनेगा आधुनिक मत्स्य पालन प्रशिक्षण केंद्र, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस – छत्तीसगढ़ सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बीजापुर जिले के मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र को भविष्य में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र (ट्रेनिंग सेंटर) के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि इस केंद्र में आसपास के किसानों को मत्स्य पालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर स्वरोजगार से जुड़ सकें। इससे जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

हैचरी का किया निरीक्षण, आधुनिक मॉडल केंद्र बनाने पर जोर

निरीक्षण के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने हैचरी में संचालित मत्स्य उत्पादन गतिविधियों का अवलोकन किया और विभागीय अधिकारियों से केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस केंद्र को जिले के किसानों के लिए आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का मॉडल केंद्र बनाने पर जोर दिया।

योजनाओं का उद्देश्य आत्मनिर्भर बनाना

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं के तहत विभिन्न सामग्रियों का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं है, बल्कि लोगों को स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि बस्तर का प्राकृतिक वातावरण कृषि और मत्स्य पालन के लिए बेहद अनुकूल है। ऐसे में यहां मत्स्य पालन के साथ-साथ फल, फूल, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों को तालाबों की स्वीकृति देकर मत्स्य पालन और बकरी पालन जैसी आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को दिए निर्देश

कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों के सदस्यों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में पशु औषधालय की स्थापना तथा पशुपालन विभाग की सेवाओं को मजबूत करने की मांग की।

इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात भी कही।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मांडवी, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्रीनिवास मुदलियार, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture