छत्तीसगढ़: बालोद की चित्ररेखा बनीं ‘ड्रोन दीदी’, खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव कर हासिल की आर्थिक आत्मनिर्भरता
25 अगस्त 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़: बालोद की चित्ररेखा बनीं ‘ड्रोन दीदी’, खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव कर हासिल की आर्थिक आत्मनिर्भरता – छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की चित्ररेखा साहू ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली चित्ररेखा आज आधुनिक कृषि तकनीक की जानकार बनकर किसानों के खेतों में ड्रोन से नैनो उर्वरकों का छिड़काव कर रही हैं। इस काम से उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ गांव और आसपास के क्षेत्र में एक नई पहचान भी मिली है। अब लोग उन्हें सम्मान से ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानते हैं।
ड्रोन से खेतों में कर रहीं नैनो उर्वरक का छिड़काव
चित्ररेखा साहू बताती हैं कि ड्रोन दीदी बनना उनके लिए सिर्फ रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है। आधुनिक कृषि ड्रोन के जरिए किसानों के खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव कर वह खेती में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने में योगदान दे रही हैं। उनका कहना है कि किसानों की मदद करने के साथ खुद आर्थिक रूप से मजबूत बनना उनके लिए गर्व की बात है। ड्रोन तकनीक से काम करने के कारण उन्हें कृषि क्षेत्र में एक नई भूमिका निभाने का अवसर मिला है।
आय बढ़ी तो पूरे किए अपने सपने
ड्रोन दीदी के रूप में काम शुरू करने के बाद चित्ररेखा की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। अपनी आय से उन्होंने सबसे पहले स्कूटी खरीदी, जिससे आने-जाने में सुविधा हुई और काम के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा। इसके बाद उन्होंने अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कराया। अब वह अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने और उसके उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए भी आर्थिक रूप से सक्षम हैं। उनके लिए यह आत्मनिर्भरता सिर्फ आय बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का रास्ता भी खुला है।
‘ड्रोन दीदी’ नाम से मिली नई पहचान
चित्ररेखा साहू के मुताबिक ड्रोन दीदी बनने के बाद उन्हें सबसे बड़ी उपलब्धि एक नई सामाजिक पहचान के रूप में मिली है। अब गांव और आसपास के लोग उन्हें उनके नाम के साथ-साथ ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में भी पहचानते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान उनके लिए सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए संचालित सरकारी योजनाएं उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महतारी वंदन योजना से भी मिल रहा सहारा
चित्ररेखा ने महतारी वंदन योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं की रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। उनके अनुसार, एक ओर नमो ड्रोन दीदी योजना ने उन्हें रोजगार और आय का अवसर दिया, वहीं महतारी वंदन योजना जैसी पहल नियमित आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। उनका मानना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली योजनाओं से परिवार की खुशहाली के साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
ड्रोन दीदी चित्ररेखा साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के हित में लगातार काम कर रही है और महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं से महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने सपने पूरे करने के अवसर मिल रहे हैं।
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