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राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़: हर जिले में बनेंगे एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर, आवारा श्वानों पर लगेगी लगाम  

22 अप्रैल 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़: हर जिले में बनेंगे एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर, आवारा श्वानों पर लगेगी लगाम – छत्तीसगढ़ सरकार ने आवारा श्वानों के नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 33 जिलों में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। इन केंद्रों के माध्यम से श्वानों की नसबंदी कर उनकी अनियंत्रित वृद्धि को रोका जाएगा, साथ ही रैबीज जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा।

मंत्री श्री नेताम ने कहा कि यह पहल जनसुरक्षा और पशु स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय निकायों के सहयोग से इन केंद्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवारा श्वानों की समस्या पर स्थायी नियंत्रण पाया जा सके। बैठक में यह भी बताया गया कि इन केंद्रों के माध्यम से श्वान जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आएगी।

जनजातीय महिलाओं को मिलेगा दुधारू गाय योजना का विस्तार
बैठक में मंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों की सभी महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय प्रदान करने की योजना का विस्तार करेगी। पहले यह योजना बस्तर क्षेत्र तक सीमित थी, जिसे अब पूरे राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसके लिए एनडीडीबी के साथ समझौता किया गया है।

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इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

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गौधाम और पशु संवर्धन कार्यक्रमों पर भी जोर

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर विचरण करने वाले आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए गौधाम योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। अब तक 36 गौधाम स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 32 पंजीकृत हो चुके हैं।

साथ ही कृत्रिम गर्भाधान और पशु संवर्धन कार्यक्रमों को भी गति दी जा रही है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स सॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बेहतर नस्ल के पशु उत्पादन में वृद्धि होगी। सरकार ने वर्ष 2026-27 में हितग्राही अंशदान में छूट देने का भी प्रावधान किया है।

पशुधन सुरक्षा और रोग नियंत्रण पर फोकस

मंत्री ने पशुओं में होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से पशुधन हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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