फसल ऋण योजना में बदलाव
27 जून 2026, भोपाल: फसल ऋण योजना में बदलाव – अब तक किसानों को खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग समय पर लोन चुकाना होता था, जिससे उन पर दबाव रहता था। लेकिन अब मोहन यादव सरकार ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है:
सालाना एक ही लिमिट (Annual Single Limit): अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग देय तिथि (Due Date) नहीं होगी। इसके स्थान पर एक ‘वार्षिक एकल ऋण सीमा’ तय की जाएगी, जिसमें नकद और वस्तु (खाद-बीज) लोन की उप-सीमा निर्धारित रहेगी।
12 महीने का मिलेगा समय: किसानों द्वारा स्वीकृत वार्षिक लिमिट से पहली बार पैसा निकालने (First Loan Withdrawal) की तारीख से पूरे 12 महीने तक का समय लोन चुकाने के लिए मिलेगा।
ब्याज अनुदान और प्रोत्साहन (Interest Subsidy): अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा, जो किसान तय समय सीमा (Due Date) के भीतर अपना कर्ज चुका देंगे, उन्हें 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा।
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