किसानों के लिए नगदी की कमी दूर करेगा बजट

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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-शासी परिषद की बैठक

1 मार्च 2021, नई दिल्ली । किसानों के लिए नगदी की कमी दूर करेगा बजट – राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम)- शासी परिषद की 16वीं बैठक गत दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक ठोस नीतिगत निर्णय लिए हैं। इसी कड़ी में, हाल ही में पेश आम बजट में कृषि ऋण के लिए किया गया साढ़े 16 लाख करोड़ रू. का प्रावधान किसानों के लिए नगदी की कमी को दूर करेगा। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए फरवरी-2020 से अभियान चलाकर 217.75 लाख आवेदन स्वीकृत किए गए और 1,68,368.33 करोड़ रू. के ऋण मंजूर किए गए हैं, जिससे किसानों को काफी फायदा हो रहा है, वहीं सरकार दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए मिशन के रूप में काम कर रही है।

श्री तोमर ने बताया कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए 150 सीड-हब, तिलहन हेतु 35 सीड हब और पोषक अनाजों के लिए 24 सीड हब स्थापित किए गए हैं। श्री तोमर ने कहा कि किसानी के क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। लगभग 11.75 करोड़ किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड नि:शुल्क जारी करने, परंपरागत कृषि विकास योजना के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा देने, उर्वरकों की दक्षता बढ़ाने के लिए नीम कोटेड यूरिया, आय बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय शहद मिशन, कृषि उपज की सुगम आवाजाही के लिए डेढ़ सौ से ज्यादा किसान रेल आदि इसके कुछ प्रमुख उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री जी ने पीएम फसल बीमा योजना के माध्यम से किसानों को एक बड़ा सुरक्षा कवच दिया है। इस योजना की शुरूआत से दिसंबर-2020 तक किसानों ने लगभग 19 हजार करोड़ रू. प्रीमियम भरी, जिसके बदले उन्हें लगभग 90 हजार करोड़ रू. का भुगतान दावों के रूप में किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि 6865 करोड़ रू. के बजट प्रावधान के साथ 10,000 नए एफपीओ बनाने की योजना भी, खासकर छोटे किसानों के लिए क्रांतिकारी साबित होगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान में 1 लाख करोड़ के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के जरिये भी गांव-गांव व खेतों तक निजी निवेश द्वारा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले पांच वर्षों में 18त्न बढ़कर वर्ष 2014-15 के 252.02 मिलियन टन से वर्ष 2019-20 के दौरान 297.50 मिलियन टन हो गया है, जो उत्पादकता स्तर में 15त्न की वृद्धि को दर्शाता है। बैठक में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु व त्रिपुरा की ओर से प्रेजेन्टेशन दिया गया। बैठक में राज्यों के प्रधान सचिव (कृषि), सचिव (कृषि), एनएफएसएम के निदेशक सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। प्रारंभ में कृषि सचिव श्री संजय अग्रवाल व संयुक्त सचिव (फसल और तिलहन) शुभा ठाकुर ने जानकारियां दी। संचालन व आभार प्रदर्शन कृषि आयुक्त श्री एस.के. मल्होत्रा ने किया।

बैठक में राज्यों के प्रधान सचिव (कृषि), सचिव (कृषि), एनएफएसएम के निदेशक सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। प्रारंभ में कृषि सचिव श्री संजय अग्रवाल व संयुक्त सचिव (फसल और तिलहन) शुभा ठाकुर ने जानकारियां दी। संचालन व आभार प्रदर्शन कृषि आयुक्त श्री एस.के. मल्होत्रा ने किया।

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