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राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार सरकार का बड़ा कदम: पराली न जलाने पर कृषि यंत्रों पर दे रही 80% तक सब्सिडी  

01 अप्रैल 2026, भोपाल: बिहार सरकार का बड़ा कदम: पराली न जलाने पर कृषि यंत्रों पर दे रही 80% तक सब्सिडी – बिहार सरकार ने किसानों को पराली जलाने से रोकने और फसल अवशेष के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के कृषि विभाग की ओर से किसानों को स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर और अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक भारी सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आय बढ़ाने में भी मदद करना है।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है और मिट्टी की उर्वराशक्ति भी घटती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों पर अनुदान देने की नीति बनाई है। सामान्य श्रेणी के किसानों को स्ट्रॉ रीपर पर 40% या अधिकतम 1,20,000 रुपये, और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 50% या अधिकतम 1,50,000 रुपये तक अनुदान मिलेगा।

स्ट्रॉ बेलर (रेक सहित) यंत्र पर सामान्य श्रेणी को 75% या अधिकतम 2,25,000 रुपये, और अनुसूचित जाति/जनजाति को 80% या अधिकतम 2,50,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा स्क्वॉयर/रेक्टेंगुलर बेलर यंत्र पर सामान्य श्रेणी को 40% या अधिकतम 5,28,000 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति को 50% या अधिकतम 6,60,000 रुपये तक का अनुदान मिलेगा।

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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इन यंत्रों का उपयोग न केवल पराली की समस्या को समाप्त करेगा बल्कि किसानों की आमदनी में भी इजाफा करेगा। स्ट्रॉ रीपर मशीन फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेष को काटकर भूसा बनाने में सहायक है, जबकि स्ट्रॉ बेलर मशीन अवशेष को गट्ठों में बदलकर भंडारण और पशु चारा बनाने में उपयोगी है।

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कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने की बजाय इन आधुनिक यंत्रों का उपयोग करें और लाभ प्राप्त करें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा।

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