भोपाल: दो पौधों से शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, अब 100 पौधों की बगिया तैयार
18 सितंबर 2026, भोपाल: भोपाल: दो पौधों से शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, अब 100 पौधों की बगिया तैयार – भोपाल के जनजातीय बहुल ग्राम पंचायत भानपुर केकड़िया की स्व-सहायता समूह सदस्य कालीबाई ने ‘एक बगिया माँ के नाम’ योजना के तहत अपनी एक एकड़ भूमि पर ड्रैगन फ्रूट के 100 पौधों की बगिया तैयार की है। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने पहले प्रयोग के तौर पर दो पौधे लगाए थे। इनसे अच्छा उत्पादन मिलने के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़े स्तर पर ड्रैगन फ्रूट की बागवानी शुरू की।
मिश्रित खेती से आजीविका को बनाया विविध
कालीबाई ने ड्रैगन फ्रूट की आमदनी शुरू होने तक आय का क्रम बनाए रखने के लिए फूलों और अन्य फलों की मिश्रित खेती भी की है। इस तरह उन्होंने बागवानी को केवल एक फसल तक सीमित न रखते हुए आजीविका के विविध माध्यम के रूप में विकसित किया है।
खेत-तालाब से मिलेगी सिंचाई की सुविधा
जल-संरक्षण के लिए ग्रामीण विकास विभाग और मनरेगा के तहत कालीबाई को खेत-तालाब निर्माण के लिए 4 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। खेत-तालाब से उनकी बगिया और अन्य फसलों के लिए वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। वहीं, ‘एक बगिया माँ के नाम’ योजना के तहत पौधरोपण, फेंसिंग और अन्य कृषि कार्यों के लिए 2 लाख 87 हजार रुपये का सहयोग दिया गया है। इससे बगिया को विकसित करने और खेती को बेहतर आधार देने में मदद मिली है।
दो पौधों से 100 पौधों तक का सफर
कालीबाई के अनुसार, दो पौधों से मिले अच्छे उत्पादन ने उन्हें 100 पौधों की बगिया लगाने की प्रेरणा दी। उनका कहना है कि खेत-तालाब बनने से अब फसलों के लिए वर्षभर पानी मिल सकेगा और शासन के सहयोग से उन्हें अपने सपने को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “अब मेरी बगिया ही मेरा भविष्य है।” कालीबाई की पहल में बागवानी, जल-संरक्षण और मिश्रित खेती को एक साथ अपनाया गया है। दो पौधों से शुरू हुआ उनका प्रयोग अब 100 पौधों की बगिया और स्थायी सिंचाई व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
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