Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

बड़वानी के किसान को राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में मिली 50 लाख की सब्सिडी

20 जून 2024, बड़वानी: बड़वानी के किसान को राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में मिली 50 लाख की सब्सिडी – राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना से लाभान्वित बड़वानी जिले के ग्राम घटवा निवासी श्री संजय चौहान ने अपने ग्राम में सांई गोट फार्म नाम से बकरी पालन इकाई संचालित की है। इस योजना के तहत संजय ने 1 करोड़ रुपये की राशि का 525 बकरियों के पालन हेतु ऋण लिया है। योजना के तहत बैंक ऑफ इण्डिया शाखा ठीकरी से संजय का ऋण स्वीकृत हुआ है, साथ ही संजय को 50 लाख रुपये की राशि की सब्सीडी भी भारत सरकार से प्राप्त हुई है। युवाओं को स्टार्टअप देने एवं आगे बढ़ाने के लिए संजय देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को धन्यवाद दे रहे है।

श्री संजय चौहान

विगत दिनों संजय के बकरी पालन केन्द्र का निरीक्षण कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग ने भी किया। श्री संजय के बकरी पालन इकाई एवं नई पद्धति की कलेक्टर डॉ. फटिंग ने भी प्रशंसा की। इस दौरान श्री संजय ने कलेक्टर को बताया कि उनके फार्म में बरबरी, सोजत, सिरोही प्रजाति की 525 बकरियां है, जिन्हे वे प्रदेश के बाहर के स्थानों से लेकर  आए हैं । उन्होंने बकरियों के लिए हवादार एवं तकनीक से युक्त फार्म बनाया है। बकरियों के खाना एवं पानी के लिए अलग-अलग बाड़े भी  बनाए हैं ।

क्या है राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना ? – उप संचालक पशुपालन डॉ. सीके रत्नावत ने बताया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय को बढ़ाना है। इस योजना में बकरी पालन 100 से 500 बकरियों की इकाई है । 500 बकरियों हेतु इकाई लागत 87.30 लाख रुपये हैं। मुर्गी पालन में 2000 पेरेंटल पक्षी हैचरी इकाई है । इकाई लागत 34.73 रुपये है। चारा विकास योजना में साइलेज एवं फॉडर ब्लॉक बनाने हेतु इकाई लागत 85.00 लाख रुपये है। 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है । बकरी पालन में अधिकतम अनुदान 50.00 लाख रूपये है । मुर्गीपालन में अधिकतम 25.00 लाख तथा फाडर ब्लॉक एवं साइलेज में अधिकतम अनुदान 50.00 लाख रुपये है ।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:
www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:
www.global-agriculture.com