राज्य कृषि समाचार (State News)

बड़वानी: कृषि विभाग की एन.पी.के. 10ः26ः26 मिश्रित उर्वरक का उपयोग करने की सलाह

10 जून 2026, बड़वानीबड़वानी: कृषि विभाग की एन.पी.के. 10ः26ः26 मिश्रित उर्वरक का उपयोग  करने की सलाह –  खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही जिले में कृषि गतिविधियों तेज हो गई है। किसान भाइयों को फसलों से भरपूर और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन मिल सके, इसके लिए कृषि विभाग द्वारा विभिन्न फसलों के लिए संतुलित उर्वरक की मात्रा निर्धारित की गई है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी की सेहत बनाए रखने और बम्पर पैदावार के लिए रसायनों का असंतुलित उपयोग नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि डीएपी के पीछे न भागें इन विकल्पों का करें उपयोग और डीएपी के समान ही लाभ प्राप्त करें । इसमें महत्वपूर्ण उर्वरक 10ः26ः26 एवं 12ः32ः16 का उपयोग कर सकते है। कपास की फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 160 किलोग्राम नाइट्रोजन, 80 किलोग्राम फास्फोरस और 40 किलोग्राम पोटाश की आवश्यकता होती है। डीएपी में नाइट्रोजन 18 प्रतिशत, फास्फोरस 46 प्रतिशत होता है जबकि उक्त उर्वरकों में नाइट्रोजन, फास्फोरस के साथ ही पोटाश की मात्रा भी फसल को उपलब्ध हो जाती है। इस प्रकार पौधों को एनपीके से तीनों मुख्य पोषक तत्व प्राप्त हो जाते है। अन्य उर्वरक देने की आवश्यकता नहीं होती है।

जिले में मुख्य रूप से बोई जाने वाली फसल कपास में उर्वरक 10ः26ः26 की मात्रा 3 बैग के साथ यूरिया 7 बैग एवं एसएसपी 5 बैग प्रति हेक्टेयर एवं मक्का फसल में उर्वरक 10ः26ः26 की मात्रा 2 बैग के साथ यूरिया 5 बैग एवं एसएसपी 4 बैग प्रति हेक्टेयर में पूर्ण हो जावेगा। इस प्रकार अन्य फसले ज्वार, सोयाबीन, अरहर, मूंग एवं उड़द सभी प्रकार की फसलों में डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके (10ः26ः26) मिश्रित उर्वरक का उपयोग अनुशंसित मात्रा में कर कृषक भाई अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते  हैं । अतः कृषक  भाइयों  से अपील है कि डीएपी के स्थान पर एनपीके मिश्रित उर्वरक का उपयोग  करें । अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते  हैं ।

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