नैनो उर्वरकों की जबरन बिक्री पर रोक, सरकार ने जारी किए नए निर्देश
लेखक: सचिन बोंद्रिया
07 मई 2026, इंदौर: नैनो उर्वरकों की जबरन बिक्री पर रोक, सरकार ने जारी किए नए निर्देश – केंद्र सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरकों की बिक्री को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 27 अप्रैल 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नैनो उर्वरकों की जबरन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
उल्लेखनीय है कि अब तक कई कंपनियां अलग-अलग मानकों के आधार पर नैनो उर्वरकों का निर्माण और विपणन कर रही थीं, जिससे गुणवत्ता और उपयोग को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एकरूपता लाने के लिए स्पष्ट मानक और दिशा-निर्देश तय किए हैं।
सरकार ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत यह निर्णय लेते हुए विभिन्न नैनो उर्वरकों जैसे नैनो यूरिया (तरल) और नैनो डीएपी (तरल) के मानक और उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए हैं। अधिसूचना के अनुसार इन उत्पादों का निर्माण निर्धारित कंपनियों द्वारा तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों को किसी अन्य उर्वरक या कृषि उत्पाद के साथ जोड़कर जबरन नहीं बेचा जाएगा। साथ ही, कंपनियों को उत्पाद के लेबल या साथ दिए जाने वाले पर्चे में फसलवार खुराक, उपयोग की अवस्था और विधि स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य होगा। किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभ समझाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्रदर्शन (डेमो) कराना भी कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।
राजपत्र में नैनो उर्वरकों के लिए वैज्ञानिक मानक भी निर्धारित किए गए हैं, जिनमें कण आकार 100 नैनोमीटर से कम होना, नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की न्यूनतम मात्रा तय होना तथा जेटा पोटेंशियल के मानक शामिल हैं।
गौरतलब है कि संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए निर्माताओं को किसानों को प्रशिक्षण देना चाहिए तथा नैनो उत्पादों की बिक्री उनकी वास्तविक उपयोगिता और प्रभावशीलता के आधार पर ही की जानी चाहिए।
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