राज्य कृषि समाचार (State News)

भंडारित गेहूं, चना और सरसों की निकासी पर रोक से व्यापारियों में असंतोष

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12 मई 2023, इंदौर: भंडारित गेहूं, चना और सरसों की निकासी पर रोक से व्यापारियों में असंतोष – खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ,मध्यप्रदेश ,भोपाल द्वारा गत 28 अप्रैल को जारी अधिसूचना के तहत व्यापारियों द्वारा वेयर हाऊस में भंडारित गेहूं, चना और सरसों की निकासी पर रोक लगा दी है। इससे व्यापारी जगत में असंतोष व्याप्त है। ऑल इण्डिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि खाद्य विभाग के इस अनुचित आदेश से व्यापरियों की साख पर धक्का लगा है।

जारी उक्त अधिसूचना के अनुसार मध्यप्रदेश के समस्त वेयर हाऊस में व्यापारियों द्वारा भंडारित गेहूं, चना एवं सरसों के भण्डारण संबंधी सभी लेखों , रिकार्ड एवं दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत ही निकासी की अनुमति दी जाएगी।  श्री अग्रवाल ने इस अधिसूचना को  पूर्ण रूप से अनुचित एवं व्यापारिक नियमों के विपरीत  बताते हुए कहा है कि व्यापारियों द्वारा पूर्व से भंडारित किए माल का सौदा किया है उसे माल भेजना पड़ेगा। लेकिन लेखा परीक्षण होने तक नहीं भेज सकते।  अति आवश्यक होने पर कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य है।  इस प्रक्रिया में समय खराब होने से व्यापारी समय पर माल नहीं भेज सकेगा। दाल बनाने के लिए भंडारित चने की दाल मिल कारखानों को ज़रूरत है ,जिसके लिए माल चाहिए , जो नहीं मिलेगा।  इस नियम से कारखानों का उत्पादन प्रभावित होगा और कारखाने बंद हो जाएंगे। अतः  समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी होने से व्यापारियों के माल  की निकासी पर रोक लगाना न्यायसंगत नहीं है।

श्री अग्रवाल ने तर्क दिया कि सरकार किसानों से ऋण पुस्तिका , खसरा , खतौनी ( बी -1 ) के दस्तावेजों आधार पर खरीदी करती है और उन्हें सीधे ऑन लाइन भुगतान करती है। ऐसे में यह सोचना कि कोई व्यापारी चना समर्थन मूल्य पर देगा यह अनुचित और गलत है। अतः ऐसे अनुचित आदेश को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

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