राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना जिले में चारे को बाहर निर्यात करने पर लगाया प्रतिबंध

03 अप्रैल 2025, गुना: गुना जिले में चारे को बाहर निर्यात करने पर लगाया प्रतिबंध – कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री किशोर कुमार कन्याल ने पशुओं के आहार के रूप में उपयोग में आने वाले समस्त प्रकार के चारे/घास, भूसा, ज्वार के बंडल, प्याज/धान के डंठल एवं पशुओं के द्वारा खाये जाने वाले अन्य किस्म के चारे पर जिला गुना की राजस्व सीमा के बाहर निर्यात पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 एवं म0प्र० चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं।

जारी आदेशानुसार कोई भी कृषक, व्यापारी व्यक्ति, निर्यात किसी भी प्रकार के पशु चारे का किसी भी वाहन, मोटर रेल एवं अन्य साधन से जिले के बाहर अपर जिला मजिस्ट्रेट गुना की अनुज्ञा-पत्र के बिना निर्यात एवं परिवहन नहीं करेगा।शासकीय उपयोग के लिये भूसा एवं पशुचारे का परिवहन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति से किया जावेगा। अन्य जिले/राज्य से दूसरे जिले/राज्य में निर्यात होने वाले भूसा/चारा जोकि गुना जिले की सार्वजनिक सड़कों से होकर निकलेंगे उन वाहनों पर अनुज्ञा-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।प्रायः देखने में आया है कि वाहनों में अधिक मात्रा में भूसा भर कर परिवहन किया जाता है, तथा उक्त वाहन के पलटने एवं दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। वाहनों को क्षमता से अधिक मात्रा में भरने एवं भारी लदान (ओवरलोड) परिवहन करने पर प्रतिबंध किया गया है।

जारी आदेश संहिता की धारा 163 (2) के अन्तर्गत एक पक्षीय पारित किया जा गया है। पुलिस अधीक्षक गुना, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गुना, समस्त नगर पालिका अधिकारी एवं समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गुना को निर्देशित किया गया हैं कि यह उक्तादेश का प्रचार-प्रसार विभागीय संसाधनों से कराना सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने की दशा में संबंधित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223, तथा अन्य अधिनियमों के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। आदेश तत्काल प्रभाव लागू होकर से 31 मई 2025 तक की अवधि के लिए प्रभावशील रहेगा।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement