पांढुर्ना में बलराम कृषि महोत्सव संपन्न
विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं ने लगाई प्रदर्शनी, किसानों को दी जानकारी
06 नवंबर 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): पांढुर्ना में बलराम कृषि महोत्सव संपन्न – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। किसान, महिला, युवा एवं गरीब सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। किसानों की आय बढ़ाने और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पांढुर्णा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव, कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक सुश्री विदिता डागर सांस्कृतिक प्रकोष्ठ संयोजक एवं प्रदेश प्रभारी बलराम कृषि महोत्सव श्री कपिल यारदे, पूर्व मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़, श्री संदीप मोहोड़, नगर पालिका पांढुर्ना अध्यक्ष श्री संदीप घाटोडे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लताबाई तुमडाम, संजय भूते जनपद अध्यक्ष ,सौसर , पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ,पांढुर्ना वैशाली महाले , जिला महामंत्री भाजपा पांढुर्ना श्री अनिल कुमरे, अध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा ,पांढुर्ना श्री विलास खिरडकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और किसान हितैषी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। पांढुर्णा जिला गेहूं, मक्का, चना, तुअर एवं संतरा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। यहां खेती-किसानी के साथ किसानों की आय और दुग्ध उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को हरसंभव सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित किया । उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत पूरे प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पांढुर्णा जिला खेती-किसानी के साथ कृषि आधारित उत्पादों के निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है। जिले में स्थापित विभिन्न कृषि आधारित इकाइयों से युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सभी वर्गों के कल्याण के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि पहले किसानों को मार्च माह तक ऋण नहीं चुकाने पर ओवरड्यू की स्थिति का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री ने वर्ष में किसी भी समय ऋण चुकाने की सुविधा प्रदान की है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का ऋण शून्य ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है।

प्रदर्शनी एवं जानकारी केंद्रों के स्टॉल – पांढुर्ना के बलराम कृषि महोत्सव में विभिन्न शासकीय विभागों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी एवं जानकारी केंद्रों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, सहकारिता तथा शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उत्पादों का प्रदर्शन किया गया , वहीं शासकीय योजनाओं एवं पोषण की जानकारी दी । पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी दी गई । सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पांढुर्णा द्वारा किसानों को कीटनाशक, फफूंदनाशक तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी गई। इसमें नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो कॉपर एवं नैनो जिंक के महत्व और उपयोग के बारे में बताया गया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा फल-सब्जियों के उत्पादन, कच्ची घानी के तेल तथा कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने एवं स्वरोजगार के अवसरों से भी किसानों को अवगत कराया गया। कृषि विभाग द्वारा द्वारा सब्जी उत्पादन, जैविक हल्दी की खेती, विभिन्न फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों तथा प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले स्प्रे एवं कीट नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी गई। किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्नतशील कृषकों ने साझा किए सफलता के अनुभव – बलराम कृषि महोत्सव में जिले के उन्नतशील कृषकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संवाद कर खेती-किसानी में किए जा रहे नवाचारों और अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। ग्राम भुम्मा, विकासखंड सौंसर के कृषक श्री मटरूलाल डोंगरे ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती से हल्दी, अरहर एवं गेहूं का उत्पादन कर रहे हैं। वे उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं। उनके प्राकृतिक उत्पाद जापान और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच रहे हैं। ग्राम तिगांव के कृषक श्री नरेंद्र ठाकरे ने बताया कि 16 एकड़ में संतरे का उत्पादन कर प्रतिवर्ष 15 से 20 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं। ग्राम पारडसिंगा की श्रीमती रोशनी नरवरे ने बताया कि 14 गांवों की 350 महिलाओं को जोड़कर देशी कपास से खादी, सीड बॉल एवं सीड ज्वेलरी का निर्माण करवा रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री कर महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

पांढुर्ना के कृषक श्री कृष्ण कुमार रबड़े ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है। वे पनीर, श्रीखंड, घी एवं मावा का उत्पादन कर प्रतिवर्ष 8 से 10 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी इकाई से 8 से 10 लोगों को रोजगार भी मिला है। इसी प्रकार ग्राम पिपलानी के कृषक श्री विजेश भादे ने बताया कि आत्मा योजना के तहत बीआरसी सेंटर स्थापित कर 2.5 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। पशुपालन एवं उद्यानिकी सहित समन्वित खेती अपनाकर वे प्रतिवर्ष 3 से 4 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्नतशील कृषकों एवं पुरस्कार विजेताओं का सम्मान – कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन्नतशील कृषकों को सम्मानित किया गया। श्री कुंजीलाल पराड़कर को संतरा उत्पादन, डॉ. सुरेंद्र पन्नासे को समन्वित खेती, श्री अशोक साहू को प्राकृतिक एवं समन्वित खेती, श्री महादेव कोरड़े को एचडीपीएस कपास उत्पादन तथा श्री संदीप घोरमारे को प्राकृतिक खेती के लिए ,वहीं श्री बवन चंद्रभान चोपड़े को तरबूज उत्पादन तथा श्री यादव राव भादे को कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया गया। इनमें श्री लक्ष्मीकांत किनकर को ट्रैक्टर, श्री राधेश्याम धारपूरे को बुलेट तथा श्री रोशन कापसे को ई-स्कूटर प्रदान किया गया। कार्यक्रम में शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
पशुपालकों का सम्मान – कार्यक्रम में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट देशी गाय पशुपालन के लिए पांच पशुपालकों को भी सम्मानित किया गया। इनमें पांढुर्णा विकासखंड के ग्राम बढ़चिचोली के श्री गन्नाथ डोबले को प्रथम, श्री प्रेमराज डोबले को द्वितीय तथा श्री कैलाश डिगरसे को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। वहीं सौंसर विकासखंड के ग्राम पंद्रहखेड़ी के श्री किसान विनायक रबड़े को प्रथम तथा श्री मुरली वाघाड़े को द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


