चिन्नोर से सिरमौर बना बालाघाट

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जी आई टेग से बदली तस्वीर

23 फरवरी 2022, बालाघाट । चिन्नोर से सिरमौर बना बालाघाट – स्वाद एवं पौष्टिकता से भरपूर जिले की प्रमुख धान (चावल ) फसल चिन्नोर को जीआई टैग मिलने से इसकी विश्वविख्यात पहचान तो बनी है साथ ही इसके उत्पादक कृषकों को अच्छे दाम भी मिल रहे हैं । प्राकृतिक तरीके से कम लागत में उगाए जाने वाले इस चावल का दाम 5 से 6 हजार रूपए प्रति किंवटल मिलने से किसानों में उत्साह है । इससे कृषको में चिन्नोर धान उत्पादन की रूचि बढ़ेगी। जिले में संकर एवं अन्य धान का 18 क्विंटल प्रति एकड़ औसत उत्पादन होता है । जबकि चिन्नोर का 8 से 10 किंवटल औसत उत्पादन मिलता है । अन्य धान में लागत अधिक लगने के बाद प्रति एकड़ 35 हजार रुपए की आय होती है । जबकि चिन्नोर से 52 हजार रुपए प्रति एकड़ औसत आय मामूली लागत लगने के बाद किसान की होती है। इस लिए चावल की चिन्नोर प्रजाति सभी मानकों में खरी साबित हों रही है ।

जिले के उपसंचालक कृषि श्री राजेश कुमार खोबरागड़े बताते हैं कि इस वर्ष 1300 एकड़ क्षेत्र में कृषकों द्वारा चिन्नोर धान लगाई गई थी। अच्छे दाम मिलने से आगामी खरीफ सीजन में इसके रकबे में वृद्धि होगी। जिले में किसान प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से भी किसानों की यह धान हाथों-हाथ विक्रय हो रही है ।

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